मुरादाबाद। फर्म कर्मी की पत्नी की हत्या के मामले में मौके के हालात और पति जितेंद्र के बयान कई सवाल खड़े कर रहे थे। मृतका के मायके वालों ने भी पति के बयानों पर शक जाहिर किया था। ऐसे कई सवालों में पुलिस उलझी रही। इन अनसुलझे सवालों के जवाब तलाशने में जुटी पुलिस ने देर शाम वारदात के मकसद तक पहुंचने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में जितेंद्र ने विवाहेतर संबंधों के शक के चलते मंजू की हत्या करने की बात को भी कुबूल किया है।
मंजू की शादी दो साल पहले जितेंद्र के साथ हुई थी। लॉकडाउन के दौरान उसने एक मृत बच्ची को भी जन्म दिया था। जितेंद्र चार भाइयों में सबसे छोटा है। पुलिस के मुताबिक जितेंद्र के ससुराल वालों के अनुसार मंजू और जितेंद्र के बीच कुछ अनबन चल रही थी। लेकिन जितेंद्र ने ऐसी किसी बात से इनकार किया है। मौका-ए-वारदात के हालात जितेंद्र के बयानों को काट रहे थे। दोनों में असमानता पुलिस के शक की बड़ी वजह बनी। बड़ा सवाल था कि यदि बदमाश लूट के इरादे से आए थे और उन्हें सामान मिल गया था तो विवाहित की हत्या करने की क्या जरूरत थी। जितेंद्र की तरह ही उसे भी बंधक बनाकर जा सकते थे। मंजू की हत्या की तो चश्मदीद के तौर पर जितेंद्र को क्यों जीवित छोड़ दिया। यदि बदमाश हत्या के उद्देश्य से ही आए थे तो क्या रंजिश थी। मायके वालों के मुताबिक अगर जितेंद्र ने ही पत्नी की हत्या की है तो इसके पीछे क्या वजह रही थी। आईजी रमित शर्मा और एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने भी मौका मुआयना किया है। पुलिस ने दोनों ओर से मिली तहरीर के आधार पर जांच शुरू की। देर शाम तस्वीर साफ हो गई।
देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट
देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने गला दबने से मंजू की हत्या होने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट मुताबिक गला दबाकर मारने से पहले मंजू की पिटाई की गई है। उसके शरीर पर पिटाई के निशान मिले हैं। इसके बाद उसका गला दबाया गया है। जिससे उसकी सांस रुक गई और उसकी मौत हो गई।
सवाल जो बने शक की वजह
- जितेंद्र के मुताबिक बदमाश उसकी बाइक भी अपने साथ ले गए, जबकि जितेंद्र के ससुराल वालों का कहना है कि सोमवार रात मंजू ने उन्हें फोन करके बताया कि आज जितेंद्र अपनी बाइक नहीं लाए हैं।
- जितेंद्र के मुताबिक बदमाश उसकी पत्नी के कान की बालियां भी लूट कर ले गए, जबकि मंजू के मायके वालों के मुताबिक उसके पास सोने की बालियां थी ही नहीं।
- जितेंद्र का कहना है कि बदमाश आंगन में घात लगाए बैठे थे, रात ढाई बजे वह लघुशंका के लिए उठा तो उसे पकड़ लिया। पुलिस को इस बयान पर शक था।
- जितेंद्र के मुताबिक पत्नी का गला दबा दिया गया। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक गला दबाने से पहले उसके साथ मारपीट की गई है।
- मायके वालों ने सवाल खड़ा किया कि वारदात के दौरान मंजू की हत्या कर दी गई, लेकिन जितेंद्र को खरोंच भी नहीं आई है। तमंचों का भय दिखाकर जितेंद्र को शांत कराया जा सकता है तो पांच बदमाश मंजू को क्यों नहीं काबू कर सके।