अमरनाथ यात्रा पर गए तीर्थ यात्रियों पर हुए हमले से सभी जगह दहशत का माहौल है। मुरादाबाद से भी बड़ी संख्या में भक्तजन यात्रा पर हैं। उनमें से कई जत्थे अभी वहां फंसे हुए हैं। वहां से लौटकर मुरादाबाद के श्रद्धालुओं ने जो मंजर बयां किया वह खौफनाक है। न केवल यात्रियों के साथ मारपीट की गई, बल्कि उन्हें दोबारा कश्मीर नहीं आने के लिए धमकाया भी गया। तीर्थ यात्रा दोबारा शुरू होने पर वे जैसे तैसे वहां से निकल पाए।
मुरादाबाद से अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था एक जुलाई को बस से रवाना हुआ था। ये जत्था 11 जुलाई को सकुशल मुरादाबाद वापस आ चुका है। जत्थे में शामिल लोगों के अनुभव बेहद निराशाजनक रहे। यात्रा से लौटे विश्वास गुंबर ने बताया कि दो जुलाई को देर शाम वे अनंतनाग में थे। अनंतनाग की ओर बढ़ते समय बस पर पत्थर फेंके गए। जिससे शीशे टूट गए। ड्राइवर ने बस रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी।
बाहर से जो आवाजें आ रही थी वह भारत और हिंदू विरोधी नारों की थी। होटल पहुंचकर सभी ने राहत की सांस ली। जैसे तैसे दर्शन किए। लौटते समय भी कई जगह पत्थर फेंके गए। सेना की निगरानी में किसी तरह निकल पाए। उनके साथ अमरनाथ यात्रा के लिए मुरादाबाद करीब छह सौ यात्री गए हुए हैं। वहां फंसे हुए चंद्रनगर निवासी आलोक ने बताया कि यात्रा बीच से रोक दी गई। तीन दिन होटल में ही गुजारने पड़े।
मंगलवार देर रात वे श्रीनगर हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से दिल्ली के लिए फ्लाइट पकड़ी। उनका कहना है कि वहां का माहौल बेहद खतरनाक है। अगर सुरक्षा बलों का साया न होता तो पता नहीं कैसे लौट पाते।
होटल आकर ली चैन की सांस- मुरादाबाद। जिन होटलों में तीर्थ यात्री ठहरे हुए हैं वहां किसी प्रकार का हमला किया जा रहा है। तीर्थ यात्रियों पर हमले होटलों से बाहर निकलने पर ही हो रहे हैं। रास्ते में बस और टैक्सी रोककर उनके साथ मारपीट की जा रही है। यात्रा में फंसे हुए कोठीवाल नगर के विक्रम मलिक ने बताया कि रविवार से हालात बेहद खराब हो गए। पहले होटलों के बाहर ही हमले हो रहे थे। जिससे होटल मालिकों का नुकसान न हो। लेकिन होटल वाले पहले उनका सहयोग कर रहे थे बाद में भी धमकाने लगे। उनका कहना था कि कश्मीर में हिंदुओं को नहीं आने दिया जाएगा। अभी वे वहीं फंसे हुए हैं।
कार में लगाई आग -मुरादाबाद। कश्मीर में फंसे आलोक कक्कड़ ने बताया कि बताया कि उनके सामने उनकी बस के आगे चल रही तीर्थ यात्रियाें की कार को रोका गया। कार और बस के यात्रियों को उतारकर उनके साथ मारपीट गई। इसके बाद भारत विरोधी नारों और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाते हुए कार में आग लगा दी गई। गनीमत रही कि जल्द ही वहां सुरक्षा बल पहुंच गए। जिन्हें देखकर उपद्रवी भाग निकले। इसके बाद सभी यात्रियों को वहां से सोनमर्ग में बनाए गए कैंप तक सुरक्षित पहुंचाया गया। विश्वास गुंबर ने बताया कि उनकी बीसवीं यात्रा थी। बीस साल में पहली बार देखा कि जो घोड़े और टट्टू वाले हमेशा साहब जी, बाबू जी कहकर बात करते थे व भी गालीगलौज कर रहे थे।