भारतीय किसान यूनियन ने शुक्रवार को मूंढापांडे में दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर हंगामा किया। बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसान करीब एक घंटे तक हाईवे पर बैठे रहे। इस कारण हाईवे पर सैकड़ों वाहनों की कतार लग गई। जानकारी पाकर एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों को समझाकर हाईवे से हटवाया।
भारतीय किसान यूनियन के मूंढापांडे ब्लाक अध्यक्ष वीरपाल सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को किसान एसबीआई शाखा के सामने एकत्र हुए। यहां किसानों ने रणनीति बनाई कि अगर जिम्मेदार अधिकारी उनकी बात सुनने नहीं आया तो वह हाईवे पर जाम लगा देंगे। दोपहर दो बजे तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
इसके बाद किसान दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया और शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ लोगों ने वाहन लगाने की कोशिश की तो उनके साथ भी धक्कामुक्की की।
करीब एक घंटे बाद एसडीएम सदर, एनएचएआई के जीएम, जिला गन्ना अधिकारी सुभाष यादव, बाढ़ नियंत्रण अधिकारी, राणा शुगर मिल के एजीएम (गन्ना) देवेंद्र पाल सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की।
इस दौरान किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान दिलाने, मनकरा मोड़ पर हाईवे पर यू-टर्न कट बनाए जाने, मूंढापांडे-रनियाठेर मार्ग के निर्माण, जैत बिसाहठ गांव में कोसी नदी पर बांध बनाने की मांग रखी। एसडीएम सदर ने किसानों को आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएंगे।
इसके बाद किसान शांत हो गए और जाम खोला। इस दौरान दूर-दूर तक वाहनों की कतार लग गई। इस मौके पर किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा, रामौतार सिंह, राम किशन, रणवीर सिंह, नीतू चौहान, होरी लाल सैकड़ों किसान मौजूद रहे। किसानों के हाईवे से हटने के बाद यातायात शुरु हुआ।