हाईस्कूल के बाद राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए अलग से तैयारी करने या समय बर्बाद करने की आवश्यकता नहीं है। उनकी इस परेशानी को समाप्त करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ने ली है। वह पढ़ाई के साथ इंटरमीडिएट पास का प्रमाण पत्र ले सकते हैं।
बहुत से विद्यार्थी हाईस्कूल की परीक्षा पास करने के बाद आईटीआई में प्रवेश ले लेते हैं। पास होने के बाद वह बाकी के समय में समय पढ़ाई करने के बजाय नौकरी ढूंढने की कोशिश करते हैं। ऐसे में वह रोजगार तो प्राप्त कर लेते हैं, लेकिन आगे की पढ़ाई न होने की वजह से तरक्की नहीं कर पाते।
ऐसे विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए एनआईओएस ने कौशल विकास उद्यमिता मंत्रालय के बीच समझौता किया है। इनकी तीन तकनीकी विषय के अंक एनआईओएस के 12वीं में जुड़ेंगे और उन्हें सिर्फ भाषा विषय के अलावा कौशल और उन्मुखीकरण विषय की परीक्षा देनी होगी।
इसके लिए छात्र आईटीआई करने के साथ या फिर कोर्स पूरा करने के बाद भी आवेदन कर सकते हैं। यदि कोई विद्यार्थी आईटीआई का कोर्स पूरा करने के बाद इंटरमीडिएट की कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन करता है तो उसे करीब छह से आठ महीने में पेपर देकर इंटरमीडिएट का प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया जाएगा।
सेना में भी मिलेगा फायदा
सेना में जाने वाले जवानों के लिए भी विशेष कोर्स शुरू किया गया है। उन्हें तीन विषय आर्मी इतिहास, योगा, कौशल और उन्मुखीकरण विषय की परीक्षा देनी होगी। इसके अलावा एक भाषा का विषय भी होगा। इसमें परीक्षा देकर सैनिक अपनी इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी कर सकते हैं।
जब हम प्रवेश देते हैं तो सिर्फ हाईस्कूल तक की ही अंकतालिका लेते हैं। मुरादाबाद, ठाकुरद्वारा और मूंढ़ापांडे की राजकीय आईटीआई में करीब सात से विद्यार्थी हैं, जिसमें से 50 फीसदी हाईस्कूल किए हैं। आईटीआई का छात्र यदि हिंदी विषय की परीक्षा पास कर लेता है तो उसे इंटरमीडिएट के समकक्ष माना जाएगा। एक साथ दो कोर्सों का प्रमाण पत्र मिलेगा। आठवीं वालों के लिए भी यह सुविधा है। दूसरे वर्ष में वह हिंदी का पेपर देता है तो उसे हाईस्कूल की अंकतालिका मिलेगी।
सीपी अग्रवाल, प्राचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान।