मुरादाबाद। आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। ऐसे व्यापारी या वेतनभोगी करदाता ई-रिटर्न दाखिल करेंगे, जिनका ऑडिट नहीं होता है। करदाता अपनी सुविधा के अनुसार पुरानी या नई कर प्रणाली चुन सकते हैं।
जीएसटी एवं आयकर अधिवक्ता गौरव गुप्ता के अनुसार यदि करदाता पुरानी कर प्रणाली को चुनते हैं तो पांच लाख तक की आय पर कोई कर नहीं देना होगा। इसके अतिरिक्त करदाता धारा 80 सी के तहत डेढ़ लाख तक के निवेश, मेडिकल प्रीमियम, मकान के ब्याज आदि की छूट ले सकते हैं।
नई कर प्रणाली के तहत सात लाख तक की आय पर कोई आयकर नहीं देना होगा, लेकिन निवेश, मेडिकल प्रीमियम आदि की छूट नहीं मिलेगी। 31 जुलाई तक आयकर रिटर्न फाइल नहीं करने पर पांच लाख से अधिक आय वालो लोगों को पांच हजार रुपये लेट फीस देनी होगी। यदि आय पांच लाख से कम है तो एक हजार की लेट फीस लगेगी।
कर निर्धारण वर्ष 2024-2025 में पुरानी कर प्रणाली के अनुसार पांच लाख तक की आय पर सरकार ने आयकर में छूट दी है। यदि कर मुक्त सीमा से अधिक आय है तो आयकर रिटर्न फाइल करना अनिवार्य होगा। नई कर प्रणाली में सात लाख तक की आय पर कोई आयकर नहीं देना है, लेकिन नई कर प्रणाली में तीन लाख से अधिक आय होने पर आयकर रिटर्न भरना अनिवार्य है। जिन लोगों का टीडीएस काटा गया है। यदि वे रिफंड लेना चाहते हैं तो आयकर रिटर्न अवश्य फाइल करना होगा।
आयकर अधिवक्ता के अनुसार आयकर रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 26 एस और एआईएस अवश्य चेक करना चाहिए। सभी विवरण ऑनलाइन चेक करने के बाद ही आयकर रिटर्न फाइल करना चाहिए। पिछले कुछ दिनों से आयकर विभाग की साइड नहीं चल रही थी। ऐसे में अंतिम तिथि करीब आने पर सर्वर पर लोड बढ़ने की संभावना है।