भाकियू (टिकैत) के राष्ट्रीय सचिव डॉ. नौ सिंह और प्रदेश सचिव डॉ. चरन सिंह ने किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा उठाया। दोनों नेताओं ने कहा कि तमाम किसानों का पिछले साल का अभी तक बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हुआ है। जबकि शासनादेश 14 दिन के अंदर भुगतान का है। दोनों नेताओं ने कहा कि नया पेराई सत्र शुरू होने वाला है। लिहाजा गन्ना विभाग के अधिकारी और मिल अधिकारियों को समय से भुगतान के निर्देश दिए जाएं।
किसान नेताओं ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया। कहा कि वह किसानों को परेशान कर रहे हैं। छुट्टा पशुओं की रोकथाम की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। इससे छुट्टा पशु किसानों की कड़ी मेहनत की फसल को चट कर जा रहे हैं। किसान नेताओं ने एमडीए द्वारा 11 गांवों के किसानों की भूमि लेने की चल रही कार्रवाई का भी विरोध किया। इन गांवों के सर्किल रेट काफी कम बढ़ाए गए हैं। सीडीओ ने किसान नेताओं की इन सभी समस्याओं का यथा संभव समाधान कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया।
इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, डॉ. नोसिंह, डॉ. चरन सिंह, यशपाल सिंह, ऋषिपाल सिंह, माखन सिंह, नरेश प्रताप, जोगेंद्र सिंह, मोहित, गतेंद्र सिंह, सचिन, अजयपाल, विरेंद्र सिंह समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।