कांठ। क्षेत्र में अभी तक हल्की-फुल्की ही बारिश हुई है। वहीं क्षेत्र की नहरों में भी पानी नहीं है। इस समय उमरी और महमूदपुर रजवाहों के साथ ही छजलैट, रवाना और शुक्ला सहित सभी माइनरें भी सूखी पड़ी हैं। किसानों को इस भीषण गर्मी, उमस और धूप में फसलों को बचाना मुश्किल हो गया है।
किसान सोमवीर सिंह, वेदपाल सिंह, अशोक कुमार, जाहिद, राजेंद्र, वीर सिंह, रामपाल सिंह, ऋषिपाल सिंह आदि का कहना है कि इस वक्त फसलों को बचाने के लिए सिंचाई की आवश्यकता है। पिछले दिनों तहसील में हुई त्रिपक्षीय वार्ता बैठक के दौरान भी भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने नहरों में जल्द पानी दिए जाने की मांग जोरदार तरीके से रखी थी। जिस पर संबंधितों ने दो दिन का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद पांच दिन बाद भी नहरों में पानी नहीं दिया गया है।
वहीं किसानों का कहना है कि आवश्यकतानुसार बिजली भी नहीं मिलती रही है। पंपिंग सेट से सिंचाई काफी मंहगी पड़ती है।
किसानों का कहना है कि ज्यादातर धान की रोपाई अन्य माध्यमों से ही कि गई है। ऐसे में अब रोपे गए धान गन्ने व चारे की फसलों को सिंचाई की जरूरत है। किसानों ने जल्द ही नहरों में पानी दिए जाने की मांग की है।