अमेरिकी प्रतिबंधों से जूझ रहे ईरान ने छह महीने की पाबंदी के बाद मुरादाबाद के पीतल के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। ईरान ने छह माह पहले मुरादाबाद के पीतल उत्पादों समेत करीब 1200 हस्तशिल्प उत्पादों के आयात पर रोक लगा दी थी। ईरान ने साफ किया है कि भारतीय निर्यातकों को रुपये में कारोबार करना होगा। अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से ईरान के साथ डॉलर में लेनदेन पर फिलहाल पाबंदी रहेगी।
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के पूर्व सचिव सतपाल का कहना है कि ईरान से नए आर्डर मिलने लगे हैं। ईरान ने करीब 15 दिन पहले हस्तशिल्प उत्पादों के आयात पर लगी रोक को हटा लिया है। इससे मुरादाबाद के हस्तशिल्प उत्पादों के लिए ईरान के दरवाजे खुल गए हैं। सतपाल ने बताया कि ईरान में फंसे पुराने शिपमेंट भी क्लियर हो गए हैं।
पाबंदी लगने के बाद ईरान में निर्यातकों के शिपमेंट फंस गए थे। जिसकी वजह से निर्यातकों को भारी नुकसान हुआ था। ईरान में हस्तशिल्प उत्पादों के आयात पर रोक की वजह से इस बार दिल्ली फेयर में भी ईरान के बायर्स ने हिस्सा नहीं लिया था। परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगा रखा है।
इसकी वजह से ईरान की मुद्रा रियाल में तेजी से गिरावट आने लगी थी। इसे रोकने के लिए ईरान की सरकार ने हस्तशिल्प उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब प्रतिबंध हटने के फैसले से निर्यातकों में खुशी है। मुरादाबाद से ईरान को करीब 400 करोड़ रुपये सालाना का निर्यात होता है।