मुरादाबाद। गोवर्धनपुर गोशाला की ग्राम पंचायत सचिव के निलंबन के बाद डीएम के निर्देश पर जिले की 30 गोशालाओं और चारा खरीद की जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में किसी स्थान पर अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई के साथ रिकवरी भी की जाएगी।
प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश मेश्राम के निरीक्षण के दौरान ब्लॉक मूंढापांडे की गोवर्धनपुर गोशाला में अनियमितता पाई गई। जांच से पता चला कि भूसा के लिए अधिकतम 800 रुपये प्रति क्विंटल दर निर्धारित किया गया था, लेकिन प्रधान एवं पंचायत सेक्रेटरी ने गोवर्धनपुर गोशाला में 1250 की दर से भूसे की खरीद की थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यहां घोर वित्तीय अनियमितता है। गोशाला में पशु आहार की जगह सस्ता चोकर खिलाया जा रहा है। हरा चारा भी महंगी दरों पर लिया जा रहा है। हरा चारा की दर 300 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है लेकिन यहां 450 रुपये प्रति क्विंटल चारा की खरीद की गई है। इस मामले में अपर मुख्य सचिव ने डीएम को तत्काल प्रभाव से सचिव स्वाति सिंह को निलंबित करने और बीडीओ को कड़ी चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उच्च स्तरीय जांच कमेटी बना कर अधिक भुगतान की वसूली ग्राम सेक्रेटरी से करने के निर्देश दिए। जांच से पता चला कि स्वाति सिंह की मूल तैनाती शाहजहांपुर जिले में है लेकिन उनको जिले में संबद्ध किया गया था। रात में ही सचिव को निलंबित कर दिया गया। इसी प्रकार एक्का पांडे भोजपुर गोशाला में कीचड़ मिलने पर खंड विकास अधिकारी प्रेम सिंह एवं ग्राम सचिव की कड़ी फटकार लगाई गई। इस मामले में सीडीओ मृणाली अविनाश जोशी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को ट्रेजरी विभाग के अधिकारी जिले की 30 गोशालाओं के भूसे एवं चारा खरीद की जांच शुरू कर दिए हैं।