संभल। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में पत्नी की मौत के बाद बीमा क्लेम के लिए किये गए आवेदन को निरस्त कर दिया है। आवेदक फर्जी पति पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
बीमा कंपनी के अधिवक्ता बृजेश कुमार यादव ने बताया कि कोतवाली गुन्नौर क्षेत्र के गांव लहरा नगला श्याम निवासी धर्मपाल ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग संभल में प्रार्थना दिया था। प्रार्थना पत्र में बताया था कि उसने बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से पत्नी उषा देवी के नाम से बीमा पॉलिसी 18 जुलाई 2017 को कराई थी। इसकी प्रीमियम धनराशि 14 हजार 272 रुपये थी। मृत्यु की दशा में सात लाख रुपये का बीमा क्लेम था। प्रार्थना पत्र में बताया कि 27 जुलाई 2017 को उसकी पत्नी की सांप के काटने से मौत हो गई थी। पर बीमा कंपनी क्लेम नहीं दे रही थी। इस मामले में आयोग के अध्यक्ष रामअचल यादव, सदस्य आशुतोष ने सुनवाई की। सुनवाई व साक्ष्य के आधार पर अध्यक्ष रामअचल यादव ने बीमा क्लेम आवेदन को निरस्त कर दिया है। अध्यक्ष ने आदेश में बताया कि 18 जुलाई 2017 को बीमा पॉलिसी कराई गई थी, जबकि साक्ष्य के आधार पर उषा देवी की मौत मई 2017 में यानी बीमा पॉलिसी कराने से पहले ही हो गई थी। बीमा पॉलिसी फर्जी तरीके से कराई गई थी। इस कारण धर्मपाल सिंह के आवेदन को निरस्त कर दिया है तथा धर्मपाल के खिलाफ पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।