शहर में खाकी के बेकाबू होने का नया मामला सामने आया है। नशे में धुत होकर एक दरोगा ने नशा मुक्ति केंद्र में तोड़फोड़ की। वहां भर्ती मरीजों को मारा पीटा। विरोध जताने पर नशा मुक्ति केंद्र के संचालक पर ही पिस्टल तान दी। संचालक ने विरोध जताया तो आरोपी दरोगा ने उसे एनकाउंटर कर मार डालने की धमकी दी।
मामले की शिकायत सिविल लाइंस पुलिस से की गई है। एसएसपी ने आरोपी दरोगा के खिलाफ जांच कर उसे निलंबित करने और विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया है। घटना के बाद से नशा मुक्ति केंद्र संचालक खौफजदा है।
सिविल लाइन के रामगंगा विहार में कमलजीत सिंह का जीवन उदय नाम से नशा मुक्ति केंद्र है। उन्होंने बताया कि आरोपी दरोगा जितेंद्र सिंह दो पुलिसकर्मियों के साथ छह बजकर 20 मिनट पर आया। दरोगा नशे में धुत था, उसने आते ही नशा मुक्ति केंद्र में तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी।
वहां पर भर्ती मरीजों को भी मारने पीटने लगा। इस दौरान उसके साथ आए पुलिसकर्मी मूकदर्शक बनकर खड़े रहे। कमलजीत ने विरोध जताया तो आरोपी उनके ऑफिस में घुस गया। दरोगा ने कमलजीत पर लाइसेंसी पिस्टल तान दी। कमलजीत ने बताया कि वह तीन बार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती रह चुका है।
लेकिन नशे की लत खत्म न हुई। उसने कहा कि अब वह उसका एनकाउंटर कर देगा। इस दौरान शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग नशा मुक्ति केंद्र में घुसे तो आरोपी दरोगा पुलिसकर्मियों के साथ मौके से भाग गया।
कमलजीत ने मामले की शिकायत सिविल लाइन पुलिस से की है। एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की सीओ सिविल लाइन से रिपोर्ट मांगी गई है। आरोपी दरोगा को निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।