सांसद डॉ. एसटी हसन ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर पौने दो बजे उनके कार्यालय में एक दरोगा और सिपाही आए। दोनों ने उनके कार्यालय के कंप्यूटर से छेड़छाड़ करना शुरू किया। सांसद के कर्मचारियों ने टोका तो हड़काने लगा कि यहां चुनाव की पर्ची बनाई जा रही है। कर्मचारियों ने कहा कि यदि कोई आगंतुक अपने वोट के बारे में पूछता है तो वे चुनाव आयोग की वेबसाइट देखकर बता देते हैं। इससे पड़ोस के लोग परेशान नहीं होते हैं।
दरोगा सांसद के कर्मचारियों का वीडियो अपने मोबाइल से बनाने लगा। जवाब में सांसद के कर्मचारी भी उसका मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। इस मामले की जानकारी मिलने पर अपने आवास में बैठे सांसद ने कर्मचारियों से दरोगा को बुलाने के लिए कहा तो दरोगा का मूड खराब हो गया। उसने जवाब दिया कि वह सांसद का नौकर नहीं है। इतना कहने के बाद दरोगा सिपाही के साथ चला गया और सांसद के बुलाने पर नहीं आया। पुलिस के दुर्व्यवहार से खफा सांसद ने कहा कि वह इस मामले की शिकायत लोकसभा की विशेष अधिकार समिति, चुनाव आयुक्त, जिला निर्वाचन अधिकारी, आईजी और डीआईजी से करेंगे। आरोप लगाया कि चुनाव के नाम पर पुलिस अनायास लोगों को परेशान कर रही है। इसी कारण उनको वोट डालने में भी देरी हुई है। पता चला है कि दरोगा मुगलपुरा थाने में अभी कुछ दिन पहले तैनात हुआ है।