योगी आदित्यनाथ के सीएम की कुर्सी संभालते ही शिकायतों की जांच में तेजी आ गई हैं। ठाकुरद्वारा ब्लाक की ग्राम पंचायत रामूवाला शेखू में शौचालय और सड़क निर्माण में घोटाले के आरोप प्रधान पर लगाए गए हैं। गांव में करीब 50 शौचालय बने हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर अपूर्ण हैं।
किसी शौचालय में दरवाजा नहीं है तो किसी में सीट नहीं लगी हुई है। इसी तरह सड़कें भी नहीं बनी हैं। इसकी शिकायत डीएम से की गई। अब डीएम ने जिला विकास अधिकारी को जांच सौंपी है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ शौचालयों का निर्माण कार्य वे स्वयं करा रहे हैं। बाद में ग्राम प्रधान उन्हें 11 हजार रुपये देने की बात कह रहा है। गांव में कच्ची सड़कों पर बहता गंदा पानी गांव में विकास की पोल खोलता है। गांव के सुनील कुमार का कहना है कि गांव में विकास कार्य कागजों पर चल रहा है।
ग्राम प्रधान आवश्यक विकास कार्य नहीं करा रहे हैं। गांव के रामराज सिंह का कहना है कि गांव के काफी रास्ते कच्चे हैं। जिन पर गंदा पानी बह रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान अपने पक्ष के लोगों के मौहल्लों में ही सड़क बनवा रहा है।
गांव के हरिराज सिंह ने बताया कि शौचालय योजना का लाभ अपात्रों को दिया गया है। जिनके यहां पहले से शौचालय हैं उन्हें योजना में शामिल किया गया है। गरीब लोग शौचालय योजना के लाभ से वंचित हैं।