मुरादाबाद। मूंढापांडे के दलपतपुर झंडे वाली मिलक में ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में डूब कर कार चालक शमीम के साढ़े तीन साल के बेटे जियान की मौत हो गई। बच्चा खेलने के लिए घर से निकला था। दोपहर तक वह घर नहीं आया तो उसकी तलाश की गई। तब उसका शव गड्ढे में मिला।
दलपतपुर झंडे वाली मिलक निवासी कार चालक शमीम ने बताया कि उसके घर से करीब सौ मीटर की दूरी पर ग्रामीण पेयजल योजना के तहत ओवरहेड टैंक का निर्माण किया जा रहा है। पास में ही शमीम के फुफेरे भाई का घर है। शमीम के तीन बच्चों में सबसे छोटा बेटा जियान अक्सर फुफेरे भाई के घर खेलने चला जाता था।
शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे बड़ा बेटा अयान (7) और बेटी नाविया (5) स्कूल चली गई थी। शमीम, उसकी पत्नी फरहा बी और जियान घर में मौजूद थे। दस बजे जियान घर से निकल गया। उस वक्त फरहा बी घरेलू काम कर रही थी। करीब एक घंटे बाद जियान घर नहीं लौटा। पति-पत्नी ने सोचा कि वह रोज की तरह फुफेरे भाई के घर चला गया है।
11 बजे शमीम भी कार चलाने चला गया। 12 बजे तक बच्चा घर नहीं लौटा तो फरहा ने उसकी तलाश शुरू की। उसने पति को भी इस मामले की जानकारी दी। करीब डेढ़ बजे परिजन ओवरहेड टैंक के लिए बने गड्ढे के पास पहुंच गए।
यहां तलाश किया गया तो बच्चे का शव मिल गया। जिससे परिवार में चीख पुकार गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई लेकिन परिवार ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही बच्चे के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया। थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि परिवार ने किसी तरह की कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया है।
गड्ढे में देखी चप्पल तब हुआ शक
शमीम ने बताया कि पूरे गांव में जियान की तलाश की गई थी लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल पा रहा था। इसके बाद आस पड़ोस के गांवों में भी जाकर मस्जिद के लाउडस्पीकर से एलान कराया गया कि एक बच्चा खो गया है। जिसकी उम्र करीब साढ़े तीन साल है। इसी दौरान शमीम का चचेरा भाई इमरान ने देखा कि गड्ढे में एक बच्चे की चप्पल उतरा रही है। इमरान ने चप्पल निकाल ली और घर ले जाकर फरहा बी को दिखाई। उसने तुरंत चप्पल पहचान ली। इसके बाद गड्ढे में तलाश की गई तो बच्चे का शव मिल गया।
पिता ने गड्ढा खोदने का किया था विरोध
शमीम ने बताया कि उसने पांच दिन पहले गड्ढा खोदकर उसमें पानी भर दिया गया था। शमीम समेत अन्य लोगों ने इसका विरोध किया था। मजदूरों से कहा गया था कि गड्ढे में भारी भरकर छोड़ दिया गया है। इसमें बच्चे गिर सकते हैं। पाइप लगाकर गड्ढे से पानी निकाल दो लेकिन ठेकेदार और मजदूरों ने शमीम की बातों अनसुना कर दिया था। आज उसी गड्ढे में शमीम के बेटे की मौत हो गई।