मुरादाबाद। मंडल के बच्चों से लेकर हर आयु वर्ग के लोगों को ब्रेललिपि के माध्यम से मुफ्त में शिक्षित किया जाएगा। पुस्तकालयों में उनकी लिपि के साहित्य भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए मंडल में रहने वाले नेत्रहीनों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है। अगले माह से मंडल मुख्यालय से इसकी शुरुआत की जाएगी।
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि मंडल में विभिन्न आयु वर्ग के तमाम ऐसे नेत्रहीन हैं जो संसाधनों अथवा अध्यापकों आदि की कमी से शिक्षित नहीं हो सके हैं। इससे वह समाज से एक तरह से अपने को कटा सा महसूस करते हैं। अगर उन्हें ब्रेललिपि में शिक्षित कर दिया जाए और उसके बाद उन्हें उनके हिसाब से कुछ तकनीकी जानकारी उपलब्ध करा दी जाए तो वह भी समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे। अपने पैरों पर भी खड़े हो सकेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्हें ब्रेल लिपि में शिक्षित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए मंडल में नेत्रहीनों को चिह्नित करने का काम शुरु कर दिया गया है। अभी तक मुरादाबाद में 125 और रामपुर में 40 नेत्रहीनों को चिह्नित किया जा चुका है।
अगले महीने इन्हें शिक्षित करने का काम पहले मंडल मुख्यालय स्थित जिले से किया जाएगा। इसके लिए डांग स्थित परिषदीय विद्यालय और शहर के राजकीय विद्यालय की जगह चिह्नित की गई है। उन्होंने बताया कि नेत्रहीनों को अध्ययनकेंद्र तक लाने और ले जाने की व्यवस्था भी प्रशासन की रहेगी। कमिश्नर ने बताया कि मुरादाबाद जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में ब्रेल लिपि के 12 शिक्षक हैं। मंडल के अन्य जिलों में भी ब्रेल शिक्षक हैं। सभी शिक्षकों को नेत्रहीनों को शिक्षित करने के लिए लगाया जाएगा। इन्हें शिक्षित करने के लिए जो भी संसाधन, पुस्तकें, उपकरण आदि की आवश्यकता होगी उसकी व्यवस्था की जाएगी। पुस्तकालयों में भी नेत्रहीनों के पढ़ने योग्य पुस्तकें व उनके आधुनिक ज्ञान वर्धन के लिए आवश्यक उपकरण भी उन्हें ट्रेनिंग सेंटर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। जिससे वह भी हिंदी और अंग्रेजी भाषा में लिख-पढ और बोल सकें। मंडलायुक्त ने बताया कि बाद में इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। इसके लिए कार्यवाहक एडी बेसिक बुद्धप्रिय सिंह को नोडल बनाया गया है।
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