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Moradabad News: नाले का निर्माण अधूरा होने से जल निकासी का समाधान नहीं

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बिलारी। सहसपुर गांव में उत्तर-पूरब की आबादी के पानी की निकासी के लिए कराए जा रहे नाले का निर्माण अधूरा रहने से हाईवे पर जलभराव होने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्राम पंचायत प्रशासक ने तहसील और ब्लॉक के अधिकारियों से नाले का निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
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ग्राम पंचायत सहसपुर का उत्तर का हिस्सा और नगरपालिका परिषद बिलारी का दक्षिण का हिस्सा आपस में मिले हुए हैं। नगर में ग्रीनवुड फार्म हाउस सहसपुर से जो सड़क हाईवे क्रॉस कर मोहल्ला अब्दुल्ला में कर्बला और चंद्रदेव महाराज मंदिर की ओर जा रही है। इस सड़क के दक्षिण की दिशा में ग्राम पंचायत सहसपुर द्वारा लगभग एक वर्ष पहले इस उद्देश्य से नाला निर्माण शुरू कराया गया था ताकि अपने गांव की आबादी का कुछ पानी इस नाले के जरिए तालाब तक पहुंचाया जा सके। जैसे ही नाला निर्माण शुरू हुआ तभी कुछ नागरिकों ने यह कहते हुए तहसील प्रशासन से मिलकर शिकायत की कि नाला बनने पर पानी निकासी का ढाल एक धर्मस्थल की ओर हो जाएगा। ऐसे में शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। प्रशासन के अधिकारियों ने अहतियात के तौर पर उस समय नाला निर्माण का काम रुकवा दिया तभी से मौके पर काम अधूरा पड़ा है।
ग्राम पंचायत सहसपुर की प्रशासक शगुफ्ता सलीम अंसारी का कहना है कि इस नाला निर्माण अब तक लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। नाला निर्माण पूरा न होने से जहां जलनिकासी को लेकर समस्या बनी रहेगी, वहीं ग्राम पंचायत को आर्थिक नुकसान होगा। सहसपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी भूपेंद्र सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायत के प्रस्ताव और कार्ययोजना को मंजूरी मिलने के बाद नियमानुसार नाला निर्माण शुरू कराया गया था। ग्राम पंचायत की ओर से दोबारा अधिकारियों को पत्र भेजकर नाला निर्माण पूरा कराने को कहा गया है। ब्लॉक के एडीओ पंचायत शकील अहमद का कहना है कि दो दिन पहले हाईवे प्राधिकरण और पंचायत विभाग के अधिकारियों ने जब हाईवे पर जलभराव वाले इलाके में जाकर जांच की तब पता चला कि नाला निर्माण अधूरा होने से हाईवे पर जलभराव की समस्या सामने आ रही है। बीडीओ बिलारी हरिओम सिंह का कहना है कि वह स्वयं इस मामले को मौके पर जाकर देखेंगे। प्रभावित पक्षों से बात करेंगे। अधिकारियों के संज्ञान में डालकर अधूरे नाले का निर्माण पूरा कराने का प्रयास करेंगे।
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