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Moradabad News: बीस दिन में तीन बच्चों समेत चार को घायल कर चुके हैं तेंदुए

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कांठ। कांठ तहसील क्षेत्र में तेंदुओं का आतंक दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। शनिवार की शाम रामगंगा खादर क्षेत्र स्थित कांठ के गांव दरियापुर में मासूम हर्ष पर तेंदुए द्वारा किया गया हमला पहला नहीं हैं। बीस दिन के भीतर तेंदुए तीन बच्चों सहित चार लोगों को हमला कर गंभीर घायल कर चुके हैं। किए गए इन हमलों को देखकर लगता है कि वन विभग तेंदुओं के सामने पूरी तरह से बेबस है।
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बता दें कि 23 मार्च की सुबह करीब छह बजे कांठ तहसील क्षेत्र के गांव फत्तेहपुर विश्नोई के रहने वाले किसान विजेंद्र सिंह बाइक द्वारा पास के ही गांव कोकरपुर के जंगल में स्थित अपने खेत पर जा रहे थे। जब वह रास्ते में ही थे तो यहां अपने शावक के साथ छिपे बैठे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया था, जिससे विजेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहीं इसके बाद 30 मार्च की देर शाम तेंदुआ कांठ के गांव महदूद कलमी निवासी अकरम के घर में घुस गया था और उसने यहां आंगन में खेल रही उनकी दो साल की मासूम बेटी सिदरा पर हमला करते हुए जबड़े में दबोचकर उसे खींचते हुए ले जा रहा था कि बच्ची की मां और अन्य परिजनों ने उसे तेंदुए के चंगुल से छुड़ा लिया था, लेकिन मासूम गंभीर घायल हो गई थी। 31 मार्च की देर शाम भी तेंदुआ कांठ के गांव मिश्रीपुर निवासी अवनेश कुमार के घर में घुस गया था और यहां चारपाई पर बैठे अपने भाई विशाल के पास लेटी आठ साल दीपांशी को हमला कर दिया था।





एक सप्ताह से दरियापुर में पश्चिम की ओर लगा है पिंजरा

कांठ। रामगंगा के खादर क्षेत्र में बसे गांव दरियापुर से सटा हुआ घना वन क्षेत्र है। इस वन के साथ ही दरियापुर गांव के आसपास तेंदुए और अन्य जंगली जानवर दिखाई देते रहते हैं। बता दें कि 24 फरवरी दरियापुर से गश्त कर लौट रही कांठ थाना पुलिस के सामने अचानक तेंदुआ आ गया था, यह यहां पर काफी देर तक उपलों के बीच में बैठा रहा था। वहीं दो अप्रैल की रात तेंदुआ इसी गांव के रिंकू के घर में घुसकर उनके पालतू कुत्ते को उठाकर ले गया था। जिसके बाद चार अप्रैल को वन विभाग की टीम ने गांव के ही राजकुमार के पश्चिम की दिशा में स्थित खेत में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। शनिवार की शाम गांव के ही अमीचंद्र सिंह सैनी आदि ने बताया कि तभी से यहां पश्चिम की दिशा में पिंजरा लगा हुआ है, जबकि तेंदुए ने शनिवार की शाम गांव के पूरब की दिशा में मासूम हर्ष पर खेत में हमला किया है। वहीं वन दरोगा पीयूष जोशी ने बताया कि कई दिन से दरियापुर में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया हुआ है। संवाद
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2014 में बाघिन ने ले ली थी दरियापुर की दुलारी की जान
कांठ। दस साल पहले 2014 में वनों से भड़क कर आई एक बाघिन ने तीन दिन के भीतर कांठ तहसील क्षेत्र में तीन लोगों की जान ले ली थी। सबसे पहले उसने छजलैट के गांव चंगेरी निवासी राजीव विश्नोई पर खेत में गन्ना की छिलाई करते वक्त हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। इसके दो दिन बाद बाघिन ने खेत में चारा काट रही छात्रा शोभा को मार डाला था। अगले ही दिन उसने खेत में गन्ने की छिलाई कर रही दरियापुर निवासी दुलारी की जान ले ली थी। संवाद
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