थाना मूंढापांडे के तत्कालीन एसआई पवन वीर सिंह ने 26 जनवरी 2023 को एक मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि वह क्षेत्र में शांति व्यवस्था रखने के लिए चेकिंग कर रहे थे। इसी समय दौलरा मार्केट के पास मुखबिर ने सूचना दी कि समदां राम सहाय गांव के जंगल में नाले के पास कुछ लोग गोवंश का वध कर रहे हैं। सूचना के आधार पर वह पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे तो पुलिस को देखते ही तीन आदमी भागने लगे। वे गो वंश का वध कर रहे थे। पुलिस ने दो लोगों को पकड़ लिया। उन्होंने अपना नाम सलाउद्दीन और मोहम्मद मोइन निवासी दौलरा मूंढापांडे बताया था। उनके पास से पुलिस ने कुल्हाड़ी और छुरी बरामद किया। पकड़े गए दोनों आरोपियों ने भागे हुए तीसरे आदमी का नाम फिरोज निवासी सराय खजूर छजलैट बताया।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे दस योगेंद्र चौहान की अदालत में की गई। मुकदमे की पैरवी में लगे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार कश्यप ने बताया कि आरोपी फिरोज के खिलाफ पत्रावली पर कोई साक्ष्य न होने की वजह से अदालत ने उसे मुकदमे से बरी कर दिया है। साथ ही दोनों पिता-पुत्र को गो वध अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए चार साल के कठोर कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।