मुरादाबाद। नौवीं वाहिनी पीएसी के मैदान में बृहस्पतिवार की सुबह सिपाही भर्ती में दाैड़ लगाने पहुंची फर्जी महिला अभ्यर्थी पकड़ी गई। साथ ही फर्जी प्रवेशपत्र बनाने में मदद करने वाले आरोपी सैन्यकर्मी के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रवेशपत्र में 10 की जगह नाै अंकों का अनुक्रमांक मिलने पर चेकिंग स्टाफ को शक हुआ। फिर पूछताछ में मामले का खुलासा हुआ।
एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार की गई युवती कुमारी साहिबा अमरोहा जिले के देहात थाना क्षेत्र के कारहट उर्फ रामहट की रहने वाली है। लिखित परीक्षा में फेल होने के बावजूद उसने सिपाही बनने के लिए फर्जीवाड़ा की कोशिश की। गेट पर सुबह 6:45 बजे कुमारी साहिबा ने प्रवेशपत्र दिखाकर प्रवेश करने का प्रयास किया। शक होने पर ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ की तो उसने सच्चाई उगल दी। उसने बताया कि वह लिखित परीक्षा में फेल हो गई थी। इसके बाद बरेली में रहने वाली उसकी सहेली अस्मिता मलिक के भाई व सैन्यकर्मी कादिर हुसैन ने व्हाट्सएप पर उसे फर्जी प्रवेशपत्र भेजा था। कादिर हुसैन की तैनाती फिलहाल लद्दाख में है।
वर्जन
फर्जी एडमिट लेकर दौड़ लगाने पहुंची युवती कुमारी साहिबा और कादिर हुसैन के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और परीक्षा अधिनियम के तहत सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। - कुमार रण विजय सिंह, एसपी सिटी
000
पकड़े जाने पर हो गई बेहोश, एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया
साहिबा का खेल पकड़ा गया तो वह मैदान में ही बेहोश हो गई। ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। डॉक्टरों ने चेकअप के बाद उसे जिला अस्पताल भेज दिया, जहां उपचार कराने के बाद उसे वापस नौवीं वाहिनी पीएसी में लेकर आया गया।
000
सबूत मिटाने के लिए तोड़ दिया मोबाइल
मुरादाबाद। उपचार कराने के बाद युवती को दोबारा मैदान में लाया गया तो वह फिर से दौड़ लगाने की जिद करने लगी। पुलिस टीम ने उसके प्रवेशपत्र, आधारकार्ड और मोबाइल कब्जे में लेने का प्रयास किया। इसी दौरान युवती ने अपना मोबाइल तोड़ दिया और सबूत मिटाने की कोशिश की।
000
लिखित परीक्षा में फेल, घर में बताया पास हो गई
यूपी पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती परीक्षा के परिणाम आने पर साहिबा ने अपने घर, रिश्तेदार और परिचितों को बताया था कि वह पास हो गई है। इसके बाद से वह दौड़ परीक्षा में शामिल होने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में जुट गई थी।