मुरादाबाद। नई शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक एनसीईआरटी पुस्तकें लागू करने के निर्णय को अभिभावकों ने सराहना की। अभिभावकों ने बताया कि एनसीईआरटी पुस्तकें लागू होने से शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ेगी। इसके अलावा आर्थिक राहत और शिक्षा के व्यवसायीकरण को नियंत्रित करने में मदद करेगी। बोर्ड द्वारा यह निर्णय अभिभावकों और बच्चों के हित में लिया गया है। पूरे देश में बच्चों को एक तरह की किताबें पढ़ाई जाएंगी। इसके साथ ही बच्चों को हर साल किताबें नहीं खरीदनी पड़ेगी। इससे काफी फायदा मिलेगा।
00
अभिभावकों ने कहा
-बोर्ड द्वारा एनसीईआरटी लागू करने का निर्णय अभिभावकों और बच्चों के हित में लिया गया है। इसके न केवल अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा बल्कि बच्चों पर मानसिक दबाव नहीं बनेगा। पिछले कुछ सालों में अभिभावक संघ द्वारा एनसीईआरटी लागू करने के लिए प्रशासन से मांग किया जा रहा था, जो अब पूरी होती दिख रही है। यह अभिभावक संघ और अभिभावकों की जीत है।-कुमार रोबिन, अभिभावक
-कहते हैं ना प्रयास करने से सफलता अवश्य मिलती है। अभिभावक संघ के प्रयास से शिक्षा मंत्रालय तक यह बात पहुंची। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय कक्षा एक से आठ तक एनसीईआरटी की किताब लागू करने का फैसला लिया। एनसीईआरटी की पुस्तकों की कीमत कम होती है और हर वर्ष नहीं बदलती हैं।- राजदीप गोयल, अभिभावक
-बोर्ड ने कक्षा एक से आठ तक एनसीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाने के लिए स्कूलों को अगस्त 2024 में ही कह चुका है। लेकिन अब एनसीईआरटी किताबें अनिवार्यता कर दी गई है। इस फैसले से अभिभावकों में खुशी है। अब अभिभावकों को हर साल पुस्तक खरीदने की अनिवार्यता भी खत्म हो जाएगी। इससे अभिभावक के लगभग पांच से सात हजार तक की बचत होगी।- अनुज गुप्ता, एडवोकेट, अध्यक्ष मुरादाबाद पैरेंट्स ऑफ ऑल स्कूल