रामपुर के स्वार थाना क्षेत्र के मसवासी के चाऊपुरा निवासी मोहम्मद अकरम कटघर के भैंसिया गांव की बड़ी मस्जिद के इमाम थे। इमाम अपनी पत्नी आमना, बेटी तैयबा, राबिया, जैनब, सुमइया और दो बेटे अब्दुल्ला और मोहम्मद उमर के साथ भैंसिया गांव में ही रहते थे। 11 जून की सुबह उनका शव घर के पास ही खंडहरनुमा घर में पड़ा मिला था। शव के पास ही तमंचा भी पड़ा था।
वारदात के दो दिन पहले ही इमाम की पत्नी आमना अपने बेटे और दो बेटियों को लेकर अपने मायके शिकारपुर गई थीं। घर में इमाम, उनका बेटा मोहम्मद उमर, बेटी तैयबा और राबिया थीं। इस मामले में पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। तमाम लोगों से पूछताछ भी की जा चुकी है।
पुलिस टीम ने चाऊपुरा जाकर भी जांच पड़ताल की थी, लेकिन कोई सुबूत नहीं मिल पा रहा था। एक सप्ताह पहले परिवार के लोगों ने पुलिस को एक सुसाइड नोट दिया था। उर्दू और फारसी में लिखे सुसाइड नोट को इमाम का बताया था। पुलिस ने उसे ट्रांसलेट कराया था। इमाम ने सुसाइड नोट में अपने जीवन के कई राज खोले थे।
सुसाइड नोट में इमाम ने लिखा था कि वह दूसरी शादी करना चाहते हैं और परिजन इसका विरोध कर रहे हैं। परिवार के लोगों ने भी सुसाइड नोट उनकी ही हैंडराइटिंग में लिखा गया बताया था। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग इमाम की ही थी। फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हुई है। रिपोर्ट आने के बाद अब इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।