असालतपुरा में मीट के इस अवैध कारोबार का भंडाफोड़ एक पार्षद की गिरफ्तारी के बाद उस समय हुआ जब मीट के साथ पकड़े गए एक पार्षद को थाने से ही जमानत दे दी गई। एसओ ने यह खेल किया तो इस पर जांच शुरू हो गई।
इस मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब पुलिस ने एक पार्षद सहित तीन आरोपियों को पशुआें के अवैध कटान की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया लेकिन उसको थाने से बेल दे दी गई। यहां से पुलिस की कार्य प्रणाली पर शक गहराया और एसओ गलशहीद सवालों के घेरे में आए।
एसएसपी ने टीम बनाकर असालतपुर में छापमारी करा दी और इसकी भनक गलशहीद पुलिस को नहीं लगी। सारा खेल उजागर हो गया। यहां पर अवैध रूप से स्लाटर हाउस खोलकर बड़ी मात्रा में पशुओं का अवैध कटान रोजाना किया जा रहा था। यह पहली बार था जब असालतपुरा में इतनी बड़ी कार्रवाई की गई, जबकि पशुओं के अवैध कटान का धंधा वहां पर लंबे समय से चल रहा था। स्थानीय पुलिस ने जान बूझकर इस मामले में चुप्पी साध रखी थी।
पशुओं के अवैध कटान का धंधा खाकी और खादी के गठजोड़ से धड़ल्ले से चल रहा था। पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद इसकी पुष्टि भी हो गई। यहां पर सफेदपोशों की मदद से ही पुलिस से सांठ गांठ की जाती थी। सफेदपोश इस बात की गारंटी लेते थे कि पुलिस पशु तस्करों पर कार्रवाई नहीं करेगी न ही वहां पुलिस की टीम चेकिंग के लिए आएगी। अगर कभी भी पुलिस की टीम वहां पर बडे़ अधिकारियों के निर्देश पर चेकिंग के लिए जाती तो पहले से ही इसकी जानकारी पशु तस्करों के पास पहुंचा दी जाती थी और वे चेकिंग के वक्त तक पशुओं का अवैध कटान बंद कर देते थे।