फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तटबंध के एलाइनमेंट पर उगा कंकरीट का जंगल

विज्ञापन
मुरादाबाद के जिगर कालोनी से जामा मस्जिद तक रामगंगा नदी तक निर्माण।
विज्ञापन
मुरादाबाद। रामगंगा किनारे जिस भूमि पर तटबंध प्रस्तावित है उस पर अवैध फैक्ट्रियां बनने लगी हैं। जिगर कालोनी से लेकर बंगला गांव, नवाबपुरा, दसवां घाट और काली माता मंदिर होते हुए जामा मस्जिद एरिया तक प्रस्तावित तटबंध के लिए चिन्हित भूमि पर कंकरीट का जंगल उग आया है। एमडीए, जिला प्रशासन, नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और सिंचाई विभाग के अफसरों की लापरवाही व अनदेखी की वजह से इस पूरे इलाके में जहां रामगंगा पर अतिक्रमण हुआ है वहीं भविष्य में यहां तटबंध निर्माण की संभावनाएं भी सिमट चुकी हैं।
विज्ञापन

2014 में तत्कालीन कमिश्नर सुधीर गर्ग की अध्यक्षता में हुई एमडीए बोर्ड की बैठक में कोठीवाल डेंटल कॉलेज के पास से लेकर आगे कटघर में मछरिया तक रामगंगा किनारे 12 किमी लंबे तटबंध का एलाइनमेंट पास हुआ था। सिंचाई विभाग, एमडीए और अन्य विभागों की टीमों ने संयुक्त रूप से 12 अलग - अलग मानचित्र और एक संयुक्त मानचित्र तैयार करके प्रस्तावित तटबंध के स्वरूप को दर्शाया था। तटबंध 12 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए मानचित्र में हरेक गांव की उस संबंधित भूमि का सिजरा नंबर भी अंकित कर दिया गया था, जिस पर तटबंध बनना था। एमडीए बोर्ड ने एलाइनमेंट को स्वीकृत कर यह आदेश भी दिया था कि तटबंध के लिए की गई चिन्हित भूमि (रामगंगा नदी से 60 मीटर की दूरी तक) की न तो खरीद फरोख्त होगी और न ही उस पर कोई निर्माण होने दिया जाएगा। ताकि यहां तटबंध बन सके। लेकिन जिगर कालोनी से लेकर जामा मस्जिद तक रामगंगा के भीतर हुए अवैध निर्माण यह बताने के लिए काफी हैं कि अधिकारी इस आदेश का पालन नहीं करा सके। जिगर कालोनी से लेकर नवाबपुरा तक पिछले एक महीने में सात से अधिक पीतल फैक्टरी बन चुकी हैं। दसवां घाट के पास रामगंगा के किनारों को कूड़े से पाटकर प्लाटिंग चल रही है। रामगंगा को पाटकर हो रहे इन अवैध निर्माणों पर सभी महकमे मौन हैं। कमिश्नर यशवंत राव का कहना है कि मामले में कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें