हस्तिनापुर वन्य क्षेत्र में हजारों बीघा भूमि पर माफिया का अवैध कब्जा है। राजनीति में दखल देने वाले भूमाफिया ने वन विभाग एवं राजस्व विभाग की मिलीभगत से भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। कब्जा की गई जमीन पर गेहूं, गन्ना समेत तमाम तरह की फसलें लहलहा रही हैं। लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हस्तिनापुर वन्य क्षेत्र में वन्य जीवों के लिए आरक्षित वन भूमि पर गेहूं एवं गन्ने की फसलें लहलहा रही हैं। पूर्व में हस्तिनापुर वन्य क्षेत्र में हजारों बीघा भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि हो चुकी है।
योगी सरकार प्रदेश में अभियान चलाकर अवैध कब्जे हटवाए जा रहे हैं। लेकिन हस्तिनापुर वन्य क्षेत्र में हजारों बीघा भूमि पर माफिया के अवैध कब्जे को हटवाने के लिए प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। अमरोहा से लेकर मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, बिजनौर, नरौरा तक हस्तिनापुर वन्य क्षेत्र लगता है। इसमें 2073 वर्ग किमी क्षेत्रफल आता है। जिसमें पांच हजार से अधिक बीघा क्षेत्रफल अमरोहा जनपद की मंडी धनौरा, गजरौला रेंज में आता है।
क्षेत्र के गांव रायबाना, दल्लीपुर, विसावली, सहाजहांपुर छाछ एवं गंगापार गुलालपुर, तिगरी, गुलालपुर एतमाली, ओसीता जग्देपुर समेत गंगा किनारे दर्जनों गांवों के आसपास हजारों बीघा भूमि पर माफियाओं का अवैध कब्जा है। खास बात यह है कि यह ऐसे भूमाफिया हैं जो हर सरकार में राजनैतिक दखल रखते हैं। वन विभाग एवं राजस्व विभाग की मिलीभगत के साथ ही पुलिस का भी संरक्षण प्राप्त माफिया जमीनों पर अवैध कब्जा करे हुए हैं। कब्जा की गई भूमि पर गन्ना व गेहूं की फसल लहलहा रही है। पिछले दिनों ही हुई जांच में कब्जे की पुष्टि भी हो चुकी है। लेकिन बावजूद इसके प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
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