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बिना वीजा के मुरादाबाद में रह रहा बंगला देशी नागरिक गिरफ्तार

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मुरादाबाद। चार साल से बिना वीजा के अवैध रूप से मुरादाबाद के रामगंगा विहार क्षेत्र में रह रहे बांग्लादेशी नागरिक को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए लोग जागरूक हुए हैं, ऐसे में उन्होंने पुलिस को सूचना दी कि एक व्यक्ति निर्माणाधीन मकान में रह रहा है। पुलिस ने छानबीन की तो पता लगा कि वह बांग्लादेशी है। उसकी पहचान खैरुल के रूप में हुई है। पुलिस ने इसके कब्जे से फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किया है। जिसके जरिये एक मोबाइल सिम भी खरीद लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पासपोर्ट एक्ट और धोखाधड़ी में केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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सिविल लाइंस थाना प्रभारी नवल मारवाहा ने बताया कि मंगलवार सुबह साढ़े छह बजे सूचना मिली थी कि रामगंगा विहार में एक बांग्लादेशी नागरिक घूम रहा है। पुलिस ने उसे इंडियन बैंक के एटीएम के सामने पकड़ लिया। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम खैरुल पुत्र रामलमल्ला निवासी मुसखली थाना जिला सतखीरा बांग्लादेश बताया। पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि वह चार साल पहले रोजगार की तलाश में मुरादाबाद आया था। यहां काजीपुरा निवासी ठेकेदार के यहां मजदूरी करता है। उसने हरथला निवासी एक व्यक्ति की मदद से यहां का आधार कार्ड बनवाया था। पुलिस ने ठेकेदार को थाने बुलाकर उससे पूछताछ की। उसने बताया कि चार साल से खैरूल उसके पास मजदूरी करता था। वह साइट पर ही रहता था। इंस्पेक्टर ने बताया कि आधार कार्ड बनवाकर देने वाले व्यक्ति की तलाश की जा रही है। आरोपी खैरुल बिना वीजा और पासपोर्ट के यहां रह रहा था। उसके खिलाफ पासपोर्ट एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
तीन हजार रुपये में खैरुल से हायरुल बन गया
मुरादाबाद। बांग्लादेशी नागरिक खैरुल ने फर्जी नाम पते पर आधार कार्ड बनवाया था। उसने पूछताछ में कुबूला है कि उसने हायरुल पुत्र जमान निवासी टीडीआई नगर मुरादाबाद के नाम पते पर आधार कार्ड बनवाया था। इसके लिए उसने तीन हजार रुपये खर्च किए थे।
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खैरुल के पकड़े जाने पर एलआईयू और आईबी भी सक्रिय हो गई। दोनों की टीमों ने सिविल लाइंस थाने पहुंचकर उससे मुरादाबाद तक पहुंचने के बारे में विस्तार से पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, उसने बताया कि वह रोजगार के लिए ही मुरादाबाद आया है। यहां मोबाइल सिम खरीदने में दिक्कत हुई तो उसने हरथला के एक व्यक्ति के जरिये अपना आधार कार्ड बनवा लिया था। पुलिस उसके मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकलवा रही है। ताकी पता चल सके कि उसने कहां-कहां और किन-किन लोगों से बातचीत की है।
खुफिया तंत्र की कार्यशैली पर खड़े हुए सवाल
मुरादाबाद। शहर के रामगंगा विहार, आशियाना और दीन दयाल नगर में खैरुल बिना वीजा और पासपोर्ट के ठहरा हुआ था। खैरुल ठेकेदार के यहां मजदूरी करता था। वह दिन में कार्य करने के बाद रात को उसी साइट पर सो जाता था, लेकिन खुफिया विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। कोरोना वायरस को देखते हुए लोग सक्रिय हुए तो उन्होंने पुलिस को जानकारी दी कि एक बांग्लादेशी व्यक्ति निर्माणाधीन मकान में रह रहा है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।
शहर में फर्जी आधार कार्ड बनवाने वाला रैकेट सक्रिय
मुरादाबाद। सिविल लाइंस पुलिस के हत्थे चढ़े बांग्लादेशी नागरिक से पूछताछ में पता चला है कि उसने हरथला निवासी व्यक्ति से फर्जी आधार कार्ड बनवाया था। इसके लिए उसे कुछ रुपये खर्च जरूर करने पड़े थे। इससे साफ है कि शहर में फर्जी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनाने वाला रैकेट सक्रिय है। सिविल लाइंस पुलिस उस दुकानदार के जरिये इस रैकेट की तलाश में जुटी है। जो खैरुल के संपर्क में आया था।
हिंदी-अंग्रेजी नहीं बोल पा रहा खैरुल
मुरादाबाद। सिविल लाइंस थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार किया गया खैरुल हिंदी और अंग्रेजी नहीं बोल पा रहा और न ही समझ पा रहा है। उससे पूछताछ के लिए एक व्यक्ति की मदद लेनी पड़ी। जो हिंदी और बांग्ला भाषा जानता है।
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