मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण की महामारी के बीच एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल ऑफ हैंडीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच) की ओर से वर्चुअल फेयर की शुरुआत 19 मई से होने जा रही है। मुरादाबाद के 100 प्रदर्शकों सहित देश भर के सात सौ निर्यातक इस फेयर में हिस्सा लेंगे। इससे निर्यात को पंख लगेंगे। वर्चुअल फेयर में अपने उत्पादों को दुनिया भर में दिखाने के लिए निर्यातकों ने अपने शोरूम और फैक्टरी में उत्पादों को व्यवस्थित किया है। इन्हें वीडियो के माध्यम से विदेशी कारोबारियों के सामने प्रदर्शित किया जाएगा।
विश्वस्तरीय आईएचजीएफ दिल्ली स्प्रिंग मेला-2021 का 51वां संस्करण मार्च में किया जाना था, लेकिन अन्य देशों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण इसे 19 से 23 मई तक करने का फैसला लिया गया। अब भारत में भी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर फैल गई। जिसके कारण इसी तारीख में इस मेले को वर्चुअल करने का निर्णय लिया गया। ईपीसीएच के अध्यक्ष रवि के. पासी ने बताया कि फेयर में पीतल और अन्य धातुओं के सजावटी सामान, फैशन ज्वेलरी, कालीन, फर्नीचर, होम फर्निशिंग, इको-फ्रेंडली, प्राकृतिक फाइबर उत्पाद, कैंडल, अगरबत्तियां आदि शामिल रहेंगी। करीब सात सौ प्रदर्शकों में से मुरादाबाद के 100 प्रदर्शकों समेत उत्तर प्रदेश के 217, जोधपुर के 144 और जयपुर के 75 प्रदर्शकों समेत राजस्थान के 225 प्रदर्शक, दिल्ली एनसीआर से करीब 154 प्रदर्शक इस मेले में शामिल हो रहे हैं। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आरके वर्मा ने बताया कि 85 से अधिक देशों के विदेशी खरीदारों ने फेयर में रुचि दिखाई है। इससे निर्यात को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
वर्चुअल मेले के दौरान आगंतुकों के लिए अंतरराष्ट्रीय भाषाओं के जानकार बूथ प्रतिनिधियों से चैट करने, वेबिनार में शामिल होने, शिल्प प्रदर्शनों के साक्षी होने, नेटवर्क या लाइव बात करने का विकल्प मौजूद होगा। वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर भारत के क्षेत्रीय शिल्पों को प्रदर्शित करने के लिए जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों के हस्तशिल्पों की थीम पर आधारित विशेष भागीदारी हो रही है।
राकेश कुमार, ईपीसीएच के महानिदेशक