फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जितना प्रश्न पूछा, उतना ही जवाब लिखेंगे तो परीक्षा में कम नहीं पड़ेगा समय

Fri, 17 Feb 2023 01:36 PM IST
ranjeett ranjeett अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
विज्ञापन
Board Exam Tips - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन
मुरादाबाद। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। पहले दिन हिंदी भाषा का प्रश्नपत्र होने की वजह से विद्यार्थियों को लिखने में परेशानी हुई। कुछ विद्यार्थियों के कुछ सवाल ही छूट गए। इसकी वजह से उन्हें तनाव हो रहा है। ऐसे विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए मंडलीय मनोविज्ञान विभाग के अधिकारी डॉ. कुमार मंगलम सारस्वत ने कहा कि प्रश्न जितना पूछा जाए, यदि उतना ही जवाब देंगे तो परीक्षा में समय कम नहीं पड़ेगा। इसके लिए घर पर प्रतिदिन कम से कम एक प्रश्नपत्र को हल करें, ताकि समय प्रबंधन की वजह से लिखने की समस्या न आए।
विज्ञापन


केस एक
प्रकाश नगर निवासी कक्षा 10 की छात्रा ने बताया कि पांच नंबर का लेखक की जीवनी और उनकी प्रमुख रचना का सवाल और चार नंबर के संस्कृत विषय के दो सवाल हल नहीं कर पाई हूं। इसकी वजह से मैं बहुत परेशानी हूं, क्या करुं।
सुझाव: पहले पेपर में चाहे अनचाहे अक्सर कुछ गलतियां हो ही जाती हैं, इसलिए अपने ऊपर किसी भी प्रकार की निराशा या नकारात्मकता को बिल्कुल भी हावी न होने दें
विज्ञापन

  निराश होने से बीती हुई परीक्षा ठीक नहीं हो सकती, बल्कि अगली परीक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना होती है
पेपर में कितने नंबर कटेंगे या दोस्तों का पेपर कैसा हुआ इस पर ज्यादा चर्चा या विचार न करें , बल्कि आगे की तैयारी करें

केस दो
आगामी परीक्षाओं में बेहतर करने का प्रयास करें, जिससे अंकों का बैलेंस बना रहेगा और परिणाम बहुत अच्छा आएगा
संभल के हजरतगढ़ी निवासी कक्षा 12 के छात्र ने बताया कि हिंदी के प्रश्न पत्र के सभी सवालों के उत्तर आते थे, लेकिन लिखने की गति कम होने की वजह से निबंध नहीं लिख पाया हूं। अब डर लग रहा है कि इसकी वजह से मेरे अंक कम न हो जाएं।
सुझाव : घर पर अपनी लेखन गति का औसत निकाल कर देखें कि परीक्षा की अवधि में आप कितना लिख सकते हैं, परीक्षा में उसी आधार पर लिखने का प्रयास करें
  प्रश्नों का उत्तर उनके अंकों के आधार पर दें। कम अंकों के प्रश्नों के उत्तरों को अनावश्यक विस्तार देने से बचें, अधिक अंक नहीं मिलेंगे
  प्रश्न पत्र में पूछे गए प्रत्येक प्रश्न का उत्तर अवश्य दें। किसी भी हालत में कोई भी प्रश्न नहीं छोड़ें। छोड़े गए प्रश्नों पर कोई अंक नहीं मिलता
विज्ञापन

उत्तर पुस्तिका में अनावश्यक डिजाइनिंग करने से बचें, इसमें भी कई बार काफी समय नष्ट हो जाता है

केस तीन
पीतल नगरी निवासी कक्षा 10 की छात्रा ने बताया कि परीक्षा के आखिरी मिनटों में घबराहट हो गई। ऐसा क्यों हुआ और क्या करें कि आगे से ऐसा न हो।
सुझाव : परीक्षा के अंतिम क्षणों में घबराहट और कंपकंपी का कारण परीक्षा में प्रश्नों का उत्तर छूटने का भय हो सकता है
इससे बचने के लिए परीक्षा में उत्तर लिखते समय टाइम लिमिट का विशेष ध्यान रखें
  प्रति घंटा यह चेक कर लें कि कितने प्रश्नों के उत्तर लिखना अभी शेष रह गया है
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें