मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप का डर कहें या लोगों में जागरूकता। पिछले सप्ताह की तुलना में इस बार शनिवार को सड़कों पर लोग कम ही नजर आए। अधिकांश लोग अपने घरों में कैद रहे और लॉक डाउन का पूरा पालन किया। जो लोग सड़कों पर दिखे भी। उनमें अधिकांश लोग मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने वाले या फिर अस्पताल में भर्ती मरीजों को दवा व खाना पहुंचाने वाले लोग थे। पुलिस को भी ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। लोगों में इसी तरह की जागरूकता रही तो कोरोना को मात दी जा सकती है।
शासन ने इस सप्ताह तीन दिन का लॉक डाउन घोषित किया है। शनिवार, रविवार और सोमवार रहेगा। पहले दिन शनिवार को मेडिकल स्टोर को छोड़कर अधिकांश दुकानें बंद रहीं। मुख्य बाजारों के अलावा गली मोहल्लों की दुकानें भी बंद रहीं। इस दौरान लोग अपने घरों में कैद रहे। पुलिस कर्मी में शहर में एक दो चौराहों पर भी तैनात रहे और गश्त लगाते रहे।
लॉक डाउन में कोई केस नहीं, मास्क न लगाने पर केवल 45 के चालान
मुरादाबाद। शनिवार को पुलिस की ओर से लॉक डाउन उल्लंघन में एक भी केस दर्ज नहीं किया है। पुलिस के आंकड़े ये बताने के लिए काफी हैं कि लोग लॉक डाउन का पालन कर रहे हैं। शनिवार को पुलिस को मास्क न लगने पर 45 लोगों का चालान किया है। इसे अलावा पंद्रह हजार रुपये शमन शुल्क के रूप में वसूले गए हैं। इसके अलावा 138 वाहनों के चालान किए गए हैं।
शहर में सायरन बजाती रहीं पुलिस की गाड़ियां
मुरादाबाद। शनिवार को शहर में पुलिस की गाड़ियां सायरल बजाती रहीं। कुछ युवकों ने अपने घरों से बाहर निकलने की कोशिश की, तो पुलिस की सायरन बजाती गाड़ियों को देखकर उन्होंने भी घरों से बाहर निकले की कोशिश नहीं की। इसके अलावा भी पुलिस कर्मी टोकाटाकी करते रहे।
लॉक डाउन में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा सभी सीओ और थाना प्रभारी अपने अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। लॉक डाउन उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
प्रभाकर चौधरी, एसएसपी