मुरादाबाद। अदालत में आरोपी, गवाह और वादी अपने बयानों से मुकर नहीं पाएंगे। पुलिस ने उनके ऑडियो रिकॉर्डिंग बयान सुरक्षित करना शुरू कर दिए हैं। जरूरत पड़ने पर इन आवाज के सैंपल की फोरेंसिक लैब में जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी। जिससे सच सामने आ जाएगा।
पुलिस ने यह कदम उन मामलों के लिए उठाया गया है जहां लिखित बयानों को अक्सर अदालत में गलत बता दिया जाता था। इस नई प्रक्रिया से न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। जरूरत पड़ने पर इन आवाज के सैंपलों की गहन जांच की जाएगी। इससे झूठी गवाही पर रोक लगेगी और न्याय सुनिश्चित होगा।
इन ऑडियो रिकॉर्डिंग को पुलिस के यक्ष एप पर अपलोड किया जा रहा है। यह एप विशेष रूप से इस उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है। इससे डिजिटल साक्ष्य के रूप में आवाज के सैंपल सुरक्षित रहेंगे। यह तकनीक अदालती मामलों में निर्णायक भूमिका निभाएगी और सत्य को सामने लाएगी।
बयानों से पलटने पर रोक
मुरादाबाद। अक्सर देखा जाता था कि आरोपी और गवाह अदालत में अपने पहले के बयानों से पलट जाते थे। इससे कई मामलों में न्याय मिलने में देरी होती थी या अपराधी बच निकलते थे। अब आवाज के सैंपल उनकी पहचान और बयान की पुष्टि करेंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी व्यक्ति अपने दिए गए बयान से आसानी से पीछे न हट सके जिससे न्याय की प्रक्रिया मजबूत होगी।
-
पुलिस यक्ष एप का उपयोग कर रही है। इस एप पर सभी संबंधित व्यक्तियों के आवाज के सैंपल अपलोड किए जा रहे हैं। यह एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो इन महत्वपूर्ण साक्ष्यों को संग्रहीत करता है। भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में इन सैंपलों का उपयोग किया जा सकेगा। यह तकनीक अदालती कार्रवाई को मजबूत बनाने में सहायक होगी और सबूतों को पुख्ता करेगी। इस एप पर अपराधी, हिस्ट्रीशीटर, गोकशी के आरोपी, टॉप टेन अपराधी, इनामी बदमाश अन्य आरोपियों का डाटा उपलोड किया जा रहा है।
कुमार रण विजय सिंह,एसपी सिटी