मुरादाबाद। निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपकर अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालने वाले स्कूल अब शिक्षा विभाग के निशाने पर हैं। एनसीईआरटी की अनिवार्य पुस्तकों को दरकिनार करने के मामले में 10 स्कूलों को नोटिस जारी किया जा चुका है। अब चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही व्यवस्था नहीं सुधरी तो हर स्कूल पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। तय समय में जुर्माना जमा न हुआ और नियमों का पालन नहीं किया गया तो यह रकम सीधे पांच लाख तक पहुंच जाएगी।
जांच में खुलासा हुआ कि कई स्कूल एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें चला रहे हैं। इससे अभिभावकों पर बेवजह आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए सख्त रुख अपनाया है। शहर के सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से जुड़े 55 स्कूलों की जांच के लिए 26 सदस्यीय टीम बनाई गई थी। जांच में 10 स्कूलों में स्पष्ट गड़बड़ी मिली, जिसके बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई। डीआईओएस देवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि एडमिशन सीजन में किताबों के नाम पर मनमानी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी। जिन स्कूलों ने नियम तोड़े हैं, उन्हें अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद सीधी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और कई अन्य स्कूल भी रडार पर हैं।
अभिभावक भी रहें सतर्क, गड़बड़ी पर करें शिकायत
डीआईओएस का कहना है कि अभिभावकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यदि किसी स्कूल द्वारा दी गई किताबों की सूची में एनसीईआरटी से अलग या अतिरिक्त महंगी किताबें शामिल की जाती हैं, तो इसकी शिकायत सीधे डीआईओएस कार्यालय में की जा सकती है। शिकायत मिलने पर तत्काल जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
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इन स्कूलों को जारी हुआ नोटिस
- डायमंड पब्लिक स्कूल भीकनपुर
- गोल्डन गेट पब्लिक स्कूल मुरादाबाद
- कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल मुरादाबाद
- गांधी नगर पब्लिक स्कूल मुरादाबाद
- पीएमएस स्कूल मुरादाबाद
- शिरडी साईं पब्लिक स्कूल मुरादाबाद
- केसीएम स्कूल मुरादाबाद
- बोनी एनी पब्लिक स्कूल मुरादाबाद
- आरआरके पब्लिक स्कूल मुरादाबाद
- समर वैली स्कूल मुरादाबाद