मुरादाबाद। मदरसा प्रशासन के आरोपों से 13 साल की छात्रा बहुत दुखी है। उसने टीसी फार्म पर ही अपना दर्द बयां किया है। छात्रा ने लिखा है कि मैं इमरजेंसी में अपने पिता के साथ घर चली गई थी। घर से वापस मदरसे पहुंची तो मेरा मेडिकल कराने के लिए दबाव बनाया गया। मेरे चरित्र पर अंगुली उठाई गई है जिसकी कोई बुनियाद नहीं है। मेरी मां मेडिकल कराने को तैयार नहीं हुई। मुझे मदरसा की ओर से मेंटल टॉर्चर किया गया है। मैं कुछ सोच नहीं पा रही हूं। मेरा एक सवाल है कि क्या कोई बेटी अपने पिता के साथ अकेली नहीं रह सकती। मैं पढ़ना चाहती हूं लेकिन मदरसे वालों ने मेरा भविष्य खराब कर दिया। मेरा साथ कोई नहीं दे रहा है। मदरसे ने मेरी टीसी भी नहीं दी है।
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मेरी बेटी आत्महत्या करने को विवश
मुरदाबाद। छात्रा के पिता का कहना है कि मदरसा प्रशासन ने उनकी बेटी के चरित्र का हनन किया है। हमने टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) मांगी तो 500 रुपये जमा करा लिए मगर टीसी नहीं दी गई। उल्टे मदरसा स्टाफ ने मां-बेटी और उनके साथ गाली गलौज की। उन्हें धमकी दी कि अगर दोबारा दाखिला दिलाने आए तो अंजाम बुरा होगा। बेइज्जत होने पर उनकी बेटी रोते-रोते बोली, अब मैं कहां पढ़ूंगी? उन्होंने हमारे ऊपर इल्जाम लगाकर हमारी इज्जत मिट्टी में मिला दी। उनकी बेटी आत्महत्या करने को मजबूर है। पिता ने वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर अपना दर्द बयां किया है।