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दहेज हत्या में पति को सात साल की कैद

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मुरादाबाद। मझोला के दो साल पुराने दहेज हत्या के मामले में शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राम अचल यादव की अदालत ने मुलजिम पति को दोषी करार देते हुए सात साल की कैद और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है, जबकि महिला की सास को इस मामले में बरी कर दिया।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह ने बताया कि आठ अगस्त 2017 को छजलैट के छज्जूपुरा निवासी धर्मेंद्र कुमार ने मझोला थाने में मुकेश उर्फ नरेंद्र निवासी मौढ़ा तैय्या थाना पाकबड़ा, उसकी मां भागवती समेत पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। धर्मेंद्र ने रिपोर्ट में बताया कि उसने पांच फरवरी 2015 को अपनी बहन रिंकी की शादी मुकेश उर्फ नरेंद्र के साथ की थी।, लेकिन शादी के बाद से ही पति और उसके परिवार के लोग रिंकी को दहेज के लिए परेशान करते थे। मुकेश उर्फ नरेंद्र रेलवे में कार्यरत था। वह लाइन पार रेलवे क्वार्टर में परिवार के साथ रहता था। यहां आठ अगस्त 2017 को आरोपियों ने पीट पीट कर रिंकी की हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया और मुकेश व उसकी मां के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की, जबकि पुलिस ने बाकी आरोपियों के नाम तफ्तीश में निकाल दिए गए थे। इस केस की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राम अचल यादव की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से एडीजीसी ब्रजराज सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिमों को सजा दिलाने को दलीलें दीं। अदालत ने इस मामले में मुलजिम मुकेश उर्फ नरेंद्र को दोषी मानते हुए सात साल की सजा और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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