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महिला को जिंदा जलाकर मारने में पति-सास को उम्रकैद

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मुरादाबाद। महिला को जिंदा जलाकर मारने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश- 14 अविनाश कुमार सिंह की अदालत ने मंगलवार को फैसला सुना दिया। अदालत ने मुलजिम पति और सास को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इस केस में महिला के मृत्यु पूर्व बयान अहम रहे।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता समर्थ शुक्ला ने बताया कि चार मई 2016 को कुंदरकी थानाक्षेत्र के इमरतपुर निवासी वसीर अहमद ने संभल जनपद के बनियाठेर थाने में तौफीक, उसके भाई मेहंदी, बहन छोटी व जाफरी के खिलाफ केस दर्ज कराया था। वसीर ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी जुबैदा की शादी पांच साल पहले बनियाठेर थानाक्षेत्र के मक्कूपुरा नरौली निवासी तौफीक के साथ की थी। वसीर ने बताया था कि आरोपी दहेज में एक लाख रुपये और बाइक की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर 29 अप्रैल 2016 को जुबैदा पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। चंदौसी के एक निजी अस्पताल में महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। जुबैदा ने मृत्यु पूर्व बयान दिए थे। जिसमें उसने पति तौफीक, सास साबरी, और ननद जाफरी पर लगाने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने इस मामले में जांच पूरी करने के बाद तौफीक, साबरी और जाफरी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। अन्य नाम जांच के दौरान निकल दिए थे। इस केस की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-14 अविनाश कुमार सिंह की अदालत में चली। इसमें सरकार की ओर से एडीजीसी समर्थ शुक्ला ने पक्ष रखा और मुलजिमों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने को दलीलें दीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, महिला के मृत्यु पूर्व बयान और अन्य साक्ष्य को देखते हुए तौफीक और उसकी मां साबरी को हत्या का दोषी माना है। अदालत ने दोनों को उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जबकि अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में जाफरी को बरी कर दिया है।
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