फाइनेंस कंपनी ने कर्ज की किश्त में 1000- 500 के नोट लेने से इंकार किया तो भड़की भीड़ ने मुरादाबाद - संभल रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की तो पब्लिक और पुलिस के बीच टकराव हो गया।
एक दरोगा ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए लाठी फटकारी तो पलटवार में भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और पुलिस जीप व स्कूल बस समेत चार वाहनों के शीशे तोड़ डाले। हमलावर हुई भीड़ ने चौकी इंचार्ज व पुलिस कर्मियों को दौड़ा- दौड़ाकर पीटा।
करीब पांच घंटे तक चले बवाल को पुलिस ने किसी तरह काबू किया। देर रात पुलिस ने 25 लोगों को नामजद करते हुए 500 अज्ञात के खिलाफ बलवे की रिपोर्ट दर्ज की है। दिल्ली की फाइनेंस कंपनी सेटिन केयर क्रेडिट नेटवर्क ने महानगर में भी करोड़ों रुपये लोन पर बांट रखे हैं।
महानगर में कंपनी की कई शाखाएं हैं। कंपनी ने कई महिलाओं का ग्रुप बनाकर रकम दी थी। कंपनी की एक ब्रांच करूला में है। नोटबंदी के बाद से कंपनी ने किश्त के रूप में 500 और 1000 रुपये के नोट लेने बंद कर दिए हैं। जबकि किश्त देने के लिए कंपनी की ओर से दबाव बनाया जा रहा है।
बुधवार दोपहर सैकड़ों महिलाएं कंपनी के करूला स्थित दफ्तर पर पहुंच गईं और लोन माफ करने की मांग के साथ हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ को बेकाबू होता देख कंपनी के कर्मचारी दफ्तर से फरार हो गए। भड़की महिलाओं ने संभल रोड पर जाम लगा दिया और हंगामा करने लगीं।
मौके पर पहुंचे दस सराय चौकी इंचार्ज शिव कुमार नागर ने महिलाओं को सड़क से हटाने की कोशिश की। लेकिन महिलाएं नहीं हीं। इस पर दरोगा ने लाठियां भांजना शुरू कर दिया जिसमें मुनव्वर(60) और शबाना घायल हो गए।
पुलिस के लाठियां फटकारने से भड़की भीड़ ने चौकी इंचार्ज और सिपाहियों को पीटना शुरू कर दिया। पथराव करके भीड़ ने पुलिस जीप और स्कूल बस समेत चार वाहनों को तोड़ डाला। पथराव और पुलिस पर हमले की सूचना से पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया।
करीब पांच घंटे तक सड़क पर भीड़ का कब्जा रहा। एसपी सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि 25 लोगों को नामजद करते हुए 300 अज्ञात पुरुष व 200 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।