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गेहूं के साथ किसान की उम्मीदें भी धराशायी

Mon, 14 Mar 2016 02:55 AM IST
मुरादाबाद/ अमर उजाला ब्यूरो
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हम तो तबाह हो गए : मुरादाबाद में ‌दिल्ली रोड के निकट गांगन के पास बिछी गेहूं की फसल को देखकर रोता किसान। शनिवार हुई बरसात ने गेहूं और दूसरी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। - फोटो : मोहम्मद सैफ अली खान (अमर उजाला)
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सुबह को गेहूं की फसल देखने खेत पर पहुंचे किसान रो पड़े। दो दिन पहले तक जो खेत लहलहा रहे थे उनमें गेहूं बिछ गया है। सारी मेहनत पर पानी फिर गया। हालांकि कृषि वैज्ञानिक दावा कर रहे हैं कि मौसम में सुधार होने पर बिछी फसल खड़ी हो जाएगी लेकिन नुकसान तो होगा ही।
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लेकिन अगर बरसात आगे भी हुई तो नुकसान की डिग्री बढ़ जाएगी। तेज हवाओं के साथ हुई बरसात से सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं की फसल को बताया जा रहा है। मुरादाबाद में दो लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि जो अगैती गेहूं गिरी है उसमें ज्यादा नुकसान है।

सरसों की फसल भी गिर गई है। कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जयप्रकाश चौधरी ने बताया कि गेहूं को नुकसान है। उन्होंने बताया कि गेहूं के जिन खेतों में भी पानी भर गया है वहां से तत्काल पानी निकाल दिया जाए। क्योंकि नमी बढ़ने से नुकसान और होगा। तेज हवाओं में फसल के गिरने का खतरा बना रहेगा।
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  केस वन: गुरेठा निवासी अशोक चौधरी जब रविवार की सुबह को खेत पर पहुंचे तो गेहूं बिछा पड़ा था। उन्होंने 22 बीघा जमीन में गेहूं बोया है। अशोक चौधरी का कहना था कि पिछले साल भी गेहूं की फसल चौपट हो गई थी। मगर मुआवजा आज तक नहीं बंटा।
  केस दो: मिलक पल्लूपुरा निवासी हसमत ने 14 बीघा जमीन में गेहूं बोया था। दो दिन पहले तक खेत में गेहूं लहलहा रहा था। मगर रविवार की सुबह को जब हसमत खेत पर पहुंचे तो गेहूं खेत में गिर गया था। उनका अगैती गेहूं था। भारी नुकसान माना जा रहा है।
  केस तीन: सिरसवां गौड़ निवासी प्रमोद कुमार, अरविंद कुमार और करन सिंह ने बताया कि पिछले साल भी गेहूं की फसल चौपट हो गई थी मगर कोई मुआवजा नहीं मिला। इस साल भी गेहूं की फसल चौपट हो रही है। सारी गेहूं के में गिर गई।
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