मुरादाबाद। राजकीय पॉलीटेक्निक ठाकुरद्वारा के आर्किटेक्चर ब्रांच के 100 विद्यार्थियों की पढ़ाई दूसरों के सहारे है। इस विभाग में एक शिक्षिका कार्यरत हैं। वह भी पिछले सात महीने से लखनऊ संबद्ध हैं। इसके अलावा इन विद्यार्थियों के लिए लैब भी नहीं है। सिविल ब्रांच की कंप्यूटर लैब में प्रैक्टिकल कर रहे हैं। प्रधानाचार्य का कहना है कि सिविल ब्रांच के शिक्षकों से ही पढ़ाई भी करवाई जा रही है।
राजकीय पॉलीटेक्निक ठाकुरद्वारा संस्था मुरादाबाद राजकीय पॉलीटेक्निक में संचालित की जा रही है। ठाकुरद्वारा की आर्किटेक्चर ब्रांच में इन दिनों लगभग सौ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां पर निदेशालय की ओर से विभागाध्यक्ष की नियुक्ति की गई थी। शिक्षकों का कहना है कि एक शिक्षिका ने अप्रैल माह में पदोन्नति के बाद विभागाध्यक्ष के रूप में ठाकुरद्वारा ब्रांच में ज्वाइन किया था। करीब 20 दिन काम करने के बाद शिक्षिका मेडिकल अवकाश पर चली गईं। जब दोबारा जून माह में ज्वाइन करने आईं तो साथ में सचिव संयुक्त प्रवेश परीक्षा लखनऊ कार्यालय का संबद्धता का पत्र भी था। उनको संयुक्त प्रवेश परीक्षा की काउंसिलिंग में सहयोग करने के लिए लखनऊ संबद्ध किया गया था। काउंसिलिंग अक्तूबर महीने में संपन्न हो गई, लेकिन अभी तक शिक्षिका को कार्यमुक्त नहीं किया गया। पिछले सात महीने से शिक्षक नहीं होने की वजह से अब एक पार्ट टाइम शिक्षक तीन वर्षों के विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं।
शिफ्ट में संचालित की जाती है लैब
शासन की ओर से संस्था के विद्यार्थियों के लिए अलग से आर्किटेक्चर लैब स्थापित नहीं की गई है। विद्यार्थियों की जब लैब की क्लास होती है तो वह सिविल ब्रांच के कंप्यूटर का ही इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सिविल और आर्किटेक्चर में विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने की वजह से शिफ्ट संचालित कर व्यवस्था बनवाई जा रही है। पहली शिफ्ट में राजकीय पॉलीटेक्निक मुरादाबाद और दूसरी शिफ्ट में राजकीय पॉलीटेक्निक ठाकुरद्वारा के विद्यार्थी प्रैक्टिकल करते हैं।
वर्जन...
शिक्षिका को कार्यमुक्त करने के लिए सितंबर माह में अनुरोध पत्र लिखा है। अब तक करीब तीन पत्र लिख चुका हूं, लेकिन शिक्षिका की संबद्धता समाप्त नहीं होने की वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके अलावा लैब में कंप्यूटर नहीं मिलने और छात्रसंख्या ज्यादा होने की वजह से भी प्रैक्टिकल क्लास में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धीरेंद्र कुमार यादव, प्रधानाचार्य, राजकीय पॉलीटेक्निक मुरादाबाद