पाकबड़ा। रतनपुर कलां गांव में चार साल पहले करीब सात करोड़ रुपये से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया। 20 बीघा जमीन पर बना यह अस्पताल 20 लोगों के भी काम नहीं आ रहा। इस अस्पताल में ओटी, वार्ड, लेबर रूम सहित सभी सुविधाएं सुचारू हो सकती हैं लेकिन अधिकारियों की लापरवाही भारी पड़ रही है।
अस्पताल में आवश्यक उपकरणों और दवाइयों का अभाव है। मात्र दो डॉक्टर और एक लैब टेक्नीशियन की तैनाती यहां की गई है। जबकि अस्पताल में कम से कम 40 कर्मचारियों की आवश्यकता है। बिजली की समस्या भी यहां बड़ी बाधा है। अस्पताल को नलकूपों के फीडर से बिजली दी जा रही है। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क भी नहीं है। बारिश के दिनों में रास्ता खराब होता है और मरीज नहीं पहुंच पाते। जबकि अस्पताल से रतनपुर कलां के आसपास के लगभग 100 गांवों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी। यहां तैनात डॉ. प्रतिभा सिंह का कहना है कि अस्पताल में करीब 40 मरीज हर दिन आते हैं। सुविधाएं न होने से यहां पर अभी किसी मरीज को भर्ती नहीं किया जाता है। मरीजों के तीमारदारों के अलावा डॉक्टरों के लिए भी ठहरने की व्यवस्था है लेकिन खराब स्थिति होने के कारण यहां नहीं रहा जा सकता। पूर्व ग्राम प्रधान विक्रम सिंह, प्रमोद सिंह, कुलदीप सिंह, अब्दुल, माजिद हुसैन, हुकम सिंह सैनी आदि लोगों का कहना है कि छोटी बीमारियों के लिए भी दूर के अस्पतालों में जाना पड़ता है। यदि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस तरफ ध्यान दें तो स्थिति में सुधार हो सकता है।
वर्जन
रतनपुर कलां के अस्पताल की स्थिति से हम वाकिफ हैं। एक सप्ताह के भीतर सुविधाएं बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस अस्पताल का सदुपयोग करने के लिए हमने योजना बनाई है। वहां स्टाफ की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ