बिलारी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को मुरादाबाद ब्लॉक में जाकर स्वयं सहायता समूह गठित करने के बदले तीन साल बीत जाने के बाद भी विभागीय अधिकारियों की उपेक्षा के चलते मानदेय नहीं मिल पाया है। परेशान महिलाओं ने शुक्रवार दोपहर बाद बिलारी ब्लॉक के एनआरएलएम अनुभाग पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ब्लॉक इकाई द्वारा ब्लॉक के विभिन्न ग्रामों की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई महिलाओं का चयन कर उन्हें मुरादाबाद ब्लॉक के ग्रामों में जाकर महिलाओं को जागरूक कर समूह गठन का काम सौंपा गया था। समूह गठन करने वाली महिलाओं नीलम, नीशू, अमरवती, अलका, अनीता, मंजू, मिथलेश, शीतल, सुधा, प्रवेश, शबनूर आदि ने बताया कि समूह गठन कार्य पूरा किए हुए तीन साल गुजर गए लेकिन अभी तक उन्हें मानदेय नहीं मिल पाया है। महिलाओं का कहना था कि वह बिलारी ब्लॉक और मुरादाबाद ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाते लगाते थक गई हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
यह सभी परेशान महिलाएं शुक्रवार दोपहर ब्लॉक बिलारी के एनआरएलएम कार्यालय पहुंची। लगभग दो घंटे तक बैठे रहने के बाद भी एडीओ आईएसबी और ब्लॉक मिशन प्रबंधक जब अपने कार्यालय नहीं पहुंचे तब परेशान महिलाओं का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने कार्यालय के बाहर जमा होकर प्रदर्शन किया। इस संबंध में ब्लॉक मिशन प्रबंधक नरेशपाल सिंह और शमीम हुसैन ने बताया कि बीती 14 मार्च को बीडीओ बिलारी की ओर से बीडीओ मुरादाबाद को पत्र भेजकर मांग की गई है कि 6 जून 2022 से 20 जुलाई 2022 और 03 सितंबर 2022 से 16 अक्तूबर 2022 तक की अवधि में आईसीआरपी द्वारा समूह गठन का जो कार्य किया गया है उसकी प्रगति रिपोर्ट तत्काल भेजे हैं ताकि संबंधित वर्कर को मानदेय का भुगतान किया जा सके।