टीबी के एचआईपी पीड़ित मरीजों के बेहतर इलाज के लिए दवाओं के डोज में फेरबदल किया गया है। इकसे लिए नई गाइड लाइन जारी की गई है। अब टीबी एचआईवी मरीजों को रोजाना दवा दी जाएगी। जबकि पहले हफ्ते में सिर्फ तीन दवा दी जाती थी। दवाओं का डोज मरीज के वेट के हिसाब से तय होगा।
टीबी के ऐसे कई मरीज हैं, जो टीबी के साथ-साथ एचआईवी के भी गिरफ्त हैं। इन मरीजों के दोनों बीमारियों का इलाज साथ-साथ चलता है। एचआईवी की दवा चलने के कारण ऐसे मरीजों को टीबी की दवा सिर्फ तीन दिन खिलाई जाती है।
ऐसा दवाओं के साइट इफेक्ट से बचाने के लिए किया जाता है। क्योंकि इन मरीजों प्रतिरोधक क्षमता काफी कम होती है। लेकिन अब दिन बढ़ाया जाएगा। इन मरीजों को सात दिन की दवा दी जाएगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. डीके प्रेमी ने बताया कि शासन से नई गाइड लाइन जारी की गई है। अक्तूबर से टीबी पीड़ित एचआईवी मरीजों को टीबी की दवा सात दिन खिलाई जाएगी। ये दवा वेट के हिसाब से तय की जाएगी।