हाईकोर्ट के फैसले ने शिक्षामित्रों को बड़ा झटका दिया है। प्रदेश भर के शिक्षामित्रों के साथ मुरादाबाद 1833 शिक्षामित्र सहायक अध्यापक बनने के बाद फिर से शिक्षामित्र बनकर रह जाएंगे। सरकार ने शिक्षामित्राें का समायोजन सहायक अध्यापक पद पर किया था। दो चरणों में किए गए समायोजन में मुरादाबाद के बड़ी संख्या में शिक्षामित्र लाभांवित हुए थे।
हालांकि अभी एक और चरण में समायोजन होना बाकी है। लेकिन इससे पहले ही आए हाईकोर्ट के फैसले से उनके सपने बिखर गए। मुरादाबाद में पहले चरण की काउंसिलिंग में 526 शिक्षा मित्र सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किए गए। दूसरे चरण में 1307 शिक्षामित्राें को समायोजित किया गया। दोनों चरणों में कुल मिलाकर 1833 शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बनाया गया।
पहले चरण के 526 शिक्षामित्रों को वेतन भी मिलना शुरू हो गया था, जबकि दूसरे चरण के शिक्षामित्र वेतन दिलाने की मांग को लेकर आए दिन धरना प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन कोर्ट में सुनवाई के चलते उनका वेतन जारी किए जाने के आदेश नहीं हुए थे। इस संबंध में बीएसए मुन्ने अली ने बताया कि न्यायालय के आदेश की जानकारी मिली है। उच्च अधिकारियों से आदेश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।