मुरादाबाद। छजलैट प्रकरण में बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई टल गई। बचाव पक्ष की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत करने थे। अब अदालत ने सुनवाई के लिए सात नवंबर लगा दी है।
छजलैट थाने के सामने 29 जनवरी 2008 पूर्व मंत्री आजम खां की कार को पुलिस चेकिंग के लिए रुकवा लिया था। जिसके बाद विवाद बढ़ गया था। सूचना मिलने पर आसपास के जनपदों से सपा नेता मौके पर पहुंच गए थे। जिन पर आरोप लगा था कि इन्होंने आम जनता को उकसा कर सड़क जाम करते हुए बवाल किया और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। इस मुकदमे की सुनवाई एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में की जा रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि बृहस्पतिवार को आजम खां और अब्दुल्ला आजम की ओर से अपने बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करने थे, किंतु अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। आजम खां और अब्दुल्ला आजम, महबूब अली की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया मुकदमे के शेष आरोपी जिनमें पूर्व विधायक हाजी इकराम कुरैशी, नूरपुर सपा विधायक नईम ऊल हसन, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति, राजेश यादव, डी पी यादव, अदालत में उपस्थित हुए। अनुपस्थित आरोपियों के स्थगन प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए अदालत ने शेष साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए सात नवंबर लगा दी है।