मुरादाबाद। छजलैट के चौदह साल पुराने मामले में बृहस्पतिवार को अदालत में स्वार-टांडा विधानसभा के सपा विधायक अब्दुल्ला आजम समेत आठ आरोपी कोर्ट में हाजिर हुए। सपा नेता आजम खां की ओर से स्थगन प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया, इस कारण सुनवाई नहीं हो पाई। अब इस मामले में 30 अगस्त को सुनवाई होगी।
छजलैट थाने के सामने 29 जनवरी 2008 को सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री आजम खां की गाड़ी रोक कर पुलिस ने चेकिंग की थी। जिसके बाद उन पर आरोप लगा कि चेकिंग के विरोध में आजम खां सड़क पर बैठ गए थे और हंगामा किया था। आस पड़ोस के जनपदों से भी सपा नेता उनके समर्थक में आ गए थे। इस मामले में आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समेत नौ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस केस की सुनवाई एमएलए एमपी स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में चल रही है।
विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि बृहस्पतिवार को टांडा-स्वार से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम, सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति, पूर्व विधायक इकराम कुरैशी, नूरपुर के पूर्व सपा विधायक नईम ऊल हसन, नगीना के सपा विधायक मनोज पारस, अमरोहा के विधायक एवं पूर्व मंत्री महबूब अली, सपा जिला अध्यक्ष डीपी यादव, राजेश यादव अदालत मे अपने बयान दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन रामपुर के सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री आजम खान की ओर से स्थगन प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा अधिवक्ताओं की हड़ताल एवं न्यायिक अधिकारी के अवकाश के कारण कार्यवाही नहीं हो सकी। इस मामले में अब 30 अगस्त को सुनवाई की जाएगी।