पिता आजम खां के साथ अब्दुल्ला आजम
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रामपुर के पूर्व मंत्री आजम खां की सजा के स्टे मामले में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 27 मार्च को तिथि नियत कर दी है। इसके अलावा मूल अपील मामले में 15 मार्च को सुनवाई होगी।
सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ एमपी एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 13 फरवरी को छजलैट प्रकरण में दोषी करार दिया। अदालत ने पिता पुत्र को दो- दो साल के कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर तीन- तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। आरोप था कि दो जनवरी 2008 को वाहन चेकिंग के विरोध में पिता-पुत्र ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ-साथ आम जनता को उकसाया। सपा नेताओं के साथ मिलकर मार्ग अवरुद्ध किया गया था। इस मामले में अदालत ने सात अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त कर दिया था।
अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ पिता-पुत्र ने अपने वकील के माध्यम से जनपद न्यायालय में अपील दाखिल की थी। इसके साथ ही सजा के निलंबन के लिए प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। इस मामले में सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय पुनीत कुमार गुप्ता की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि आजम खां के द्वारा प्रस्तुत सजा के खिलाफ स्टे प्रार्थना पत्र की सुनवाई सोमवार को होनी थी लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।
अदालत ने स्टे पर सुनवाई के लिए 27 मार्च की तिथि निर्धारित की है। बता दें कि आजम खां के बेटे एवं स्वार के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म के स्टे प्रार्थनापत्र को अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है।