शर्तिया इलाज का दवा करने वाले आयुर्वेदिक डाक्टरों की अब खैर नहीं है। ऐसा करने वाले का शासन खुद ‘इलाज’ करेगा। अब आयुर्वेदिक डाक्टर और कंपनियां भ्रम फैलाने वाले प्रचार-प्रसार नहीं कर सकेंगे। विज्ञापनों पर शर्तिया, गारंटी जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है। ऐसे डाक्टराें और कंपनियों के खिलाफ की जाएगी।
समाचार पत्रों, विज्ञापन पटों, होर्डिंग और विभिन्न टीवी चैनलों के माध्यम से आयुर्वेदिक औषधि निर्माता और डाक्टर बढ़ा चढ़ाकर अतिश्योक्ति पूर्ण ढंग प्रचार-प्रसार करते हैं। इसमें भ्रमित करने वाली भाषाआें को इस्तेमाल किया जाता है। जिसे लेकर जनमानस में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। इस मामले को लोकसभा में उठाया गया। केंद्र सरकार ने नई गाइड लाइन जारी कर ऐसे डाक्टरों और कंपनियाें पर कार्रवाई के लिए निदेशक आयुर्वेद सेवा यूपी को पत्र लिखा है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. सुमन मिश्रा ने बताया कि अब आयुर्वेदिक डाक्टर और दवा कंपनियां शर्तिया, गारंटी जैसे भ्रम फैलाने वाले शब्दों का इस्तेमाल कर प्रचार-प्रसार नहीं करेंगी। अगर किसी ने ऐसा किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।