मुरादाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के आठ ब्लॉकों में 150 ऐसे क्लीनिक व नर्सिंग होम चिह्नित किए हैं, जिनका पंजीकरण सीएमओ कार्यालय में नहीं है। अब विभाग की ओर इन्हें नोटिस भेजा जाएगा जिसमें दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया जाएगा। दस्तावेज न दिखाने पर इनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विभाग ने डीएम अनुज सिंह के निर्देशों पर यह सूची तैयार की है। यह 150 नाम तो विभाग की लिस्ट में हैं लेकिन वास्तव में जिले में 200 से ज्यादा झोलाछाप हैं, जिन पर विभाग आंखें मूंदे बैठा है। अकेले अगवानपुर में 10 से ज्यादा नर्सिंग होम और क्लीनिक बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। विभाग की ओर से जुलाई में एक नर्सिंग होम को सील किया गया था, वह दोबारा खुल गया है। इसी तरह मूंढापांडे, ठाकुरद्वारा, बिलारी, कुंदरकी, पाकबड़ा समेत तमाम क्षेत्रों में झोलाछाप सक्रिय हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल का कहना है कि जो नर्सिंग होम संचालक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई के बाद पोस्टर जारी किए जाएंगे। इनमें संचालक का नाम, अवैध क्लीनिक या नर्सिंग होम का फोटो और पता होगा। पोस्टर के जरिए लोगों से अपील की जाएगी कि इलाज के लिए इन झोलाछाप के पास न जाएं। सरकारी अस्पतालों समेत सार्वजनिक स्थानों पर यह पोस्टर चस्पा किए जाएंगे।