मुगलपुरा पुलिस ने इनवर्टर कारोबारी रईस मंसूरी हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी आलम और उसके सहयोगी शुएब को गिरफ्तार कर लिया। आलम ने कबूला है कि रईस ने मेरी बहन से संबंध बना लिए थे और उसने अश्लील क्लीपिंग बना ली थी। जिसके जरिये वह बहन को लंबे समय से ब्लैकमेल कर रहा था।
बाद में उसने दूसरे लोगों के मोबाइल पर इस अश्लील क्लीपिंग को भेज दिया था। एक दोस्त के जरिये ये क्लीपिंग मेरे पास भी आ गई थी। घटना वाली रात मैं खुद रईस को बुलाकर घर लाया और हत्या कर उसकी लाश के टुकड़े कर रामगंगा में फेंक दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक नगर रामसुरेश यादव ने शनिवार को रईस हत्याकांड का खुलसा किया। उन्होंने बताया कि वारसी नगर निवासी रईस मंसूरी इनर्वटर का कारोबार करता था। मंगलवार की रात आलम पुत्र जमा खां रईस को इनवर्टर लगाने के लिए अपने घर ले गया था। इसके बाद रईस घर नहीं लौटा।
रईस के भाई आमिर ने मुगलपुरा थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। मुगलपुरा इंस्पेक्टर अनिल कुमार वर्मा ने अपनी टीम के साथ रईस की तलाश शुरू कर दी थी। पता चला था कि चामुंडा गली बरवालान निवासी आलम और कुंवर साहब वाली गली निवासी शुएब घर से बुलाकर ले गए थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी।
बुधवार को लापता रईस की लाश के टुकड़े रामगंगा से बरामद हुए थे। इसके बाद पुलिस ने आलम और शुएब से कड़ाई से पूछताछ की थी। तब आलम ने कबूला कि रईस ने पंद्रह साल पहले मेरे पिता की हत्या कर दी थी। तब मैं नाबालिग था। लेकिन कुछ दिन पहले ही मुझ पता चला कि रईस ने मेरी बहन से अवैध संबंध बना लिए हैं।
उसने मोबाइल से अश्लील क्लीपिंग बना ली है। जिससे वह ब्लैकमेल करता है। बहन की शादी होने के बाद भी रईस उसे परेशान कर रहा था। बुलाने पर बहन आने से इंकार करती थी तो पति को क्लीपिंग दिखाने की धमकी देता था। जब क्लीपिंग खुद आलम ने देख ली तो उसने अपनी बहन से भी बात की। उसने बताया कि शादी से पहले की बात है।
लेकिन अब भी परेशान कर रहा है। इसके बाद आलम ने हत्या करने की ठान ली थी। घटना वाली रात रईस को घर बुलाया और शराब पिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद हत्या कर उसकी लाश के टुकड़े कर रामगंगा में फेंक दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कार्रवाई करने के बाद कोर्ट में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया गया।
हथौड़े से कुचला सिर, छुरी से किए लाश के टुकड़े
आलम ने पूछताछ में बताया कि वह रईस की हत्या करने की कई दिन से प्लानिंग कर रहा था। लेकिन मौका नहीं मिल पा रहा था। मंगलवार की रात मैं अपने कारीगर शुएब को लेकर रईस के घर पहुंचा। उस समय रईस अपनी पत्नी और बच्चों के साथ खाना खा रहा था। मैं उससे कहा कि मेरे घर ही खाना खाएंगे। इसके बाद रईस आ गया।
पहले घर में इनवर्टर लगवाया। इसके बाद मेरे परिवार के लोग ऊपरी मंजिल पर चले गए। इसके बाद हम लोग शराब पीने के लिए नीचे वाले कमरे में बैठ गए। रईस को ज्यादा पिलाकर नशे में कर दिया। इसके बाद मैंने हथौड़े से उसके सिर पर वार किया। उसके सिर को बुरी तरह से कुचल दिया था।
बाद में छुरी से लाश के टुकड़े कर एक एक उन्हें रामगंगा में फेंक दिया था। उसने बताया कि एक बार तो गश्त कर रही पुलिस रामगंगा पुल पर मिल गई थी। लेकिन मैं किसी तरह बच गया था।
हत्या करने का दुख नही, थोड़ी देर हो गई
एसपी सिटी दफ्तर में खुलासा के दौरान आलम ने एक एक सवाल का बेबाकी से जबाव दिया। उसने कहा कि हत्या करने का कोई दुख नहीं है। दुख है तो बस इस बात का कि रईस की हत्या करने में मैंने देर लगा दी। रईस और मेरे पिता की दोस्ती थी। दोनों अच्छे बुरे काम साथ ही करते थे। पंद्रह साल पहले रईस पिता को तार चोरी करने के लिए काशीपुर ले गया। काशीपुर में मेरे पिता की हत्या कर दी थी।