मुरादाबाद। दूध देखभाल कर पीएं और सोनपपडी सोच समझकर खाए। जी, हां खाद्य विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की जांच में पारस डेयरी के दूध में फैट कम मिला है, तो वही सोनपपड़ी में स्वास्थ्य के लिए घातक पीला रंग मिला पाया गया। लैब की जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने दोनों विक्रेताओं के बिक्री लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं तथा एडीएम सिटी न्यायालय में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने जून में खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच को भेजे थे। अधिकारियों के मुताबिक इन्हीं में से छह जून को गोविंद नगर कालोनी से सौरभ कश्यप की दुकान से पारस डेयरी के दूध का नमूना लेकर जांच को भेजा था। जिस पर उत्पादक फर्म वीआरएस फूड इंडस्ट्रीज साहिबाबाद गाजियाबाद का पता अंकित था। पारस डेयरी के दूध की जांच रिपोर्ट में फैट कम मिला है। दूध में छह प्रतिशत के स्थान पर चार प्रतिशत फैट पाया गया। वही कुंदरकी में जहीर अहमद के प्रतिष्ठान से सोनपपड़ी का नमूना लेकर जांच को भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में सोनपपड़ी में स्वास्थ्य के लिए घातक पीला रंग मिला है। खाद्य विभाग ने दोनों विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। साथ ही विक्रेता व उत्पादक फर्म के विरुद्ध एडीएम सिटी न्यायालय में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
पारस ब्रांड का दूध जांच में फेल पाया गया है, वही सोनपपड़ी में घातक रंग मिला हैं। दोनों के विरुद्ध कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज करा दिया गया हैं। सोनपपडी में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रंग मिला पाया गया।
विनोद कुमार सिंह, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग।