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UP: शिक्षण संस्थानों में नेटवर्क खड़ा कर रहा था हारिश, पूछताछ में संदिग्ध 'आतंकी' हारिश के चौंकाने वाले खुलासे

Thu, 26 Mar 2026 02:58 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

संदिग्ध आतंकी हारिश ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। हारिश शिक्षण संस्थानों में नेटवर्क खड़ा कर रहा था। हारिश मुरादाबाद के अलावा, गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा के बड़े-बड़े कॉलेजों में अपना नेटवर्क खड़ा कर रहा था।
 
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हारिश अली - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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संदिग्ध आतंकी हारिश केवल एक कॉलेज तक सीमित नहीं था, वह मुरादाबाद समेत पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई शिक्षण संस्थानों में अपना नेटवर्क खड़ा कर रहा था। वह आकाओं से मिले निर्देश पर शिक्षण संस्थानों के छात्रों को अपने साथ जोड़ रहा था। यह बात एटीएस की पूछताछ में सामने आई है।
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सहारनपुर निवासी हारिश मुरादाबाद के एक कॉलेज से बीडीएस कर रहा था। वह कॉलेज के ही हॉस्टल में शामली निवासी छात्र के साथ रहता था। वह ज्यादा समय कमरे में ही रहता और मोबाइल व लैपटॉप पर देर रात तक व्यस्त रहता था। ऑनलाइन ही आईएस के संपर्क में आया था। एटीएस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। 15 मार्च को लखनऊ से आई एटीएस ने हारिश को गिरफ्तार कर लिया था। 

इसके बाद उसे लखनऊ ले गई थी। एटीएस ने मंगलवार को उसे पांच दिन की रिमांड पर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि हारिश मुरादाबाद के अलावा, गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा के बड़े-बड़े कॉलेजों में अपना नेटवर्क खड़ा कर रहा था। वहां के छात्रों को अपने साथ छोड़ रहा था। वह अपने साथ छात्रों की एक बड़ी फौज तैयार कर रहा था। एटीएस ने इसके अन्य साथियों की तलाश भी शुरू कर दी है। 
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क्रिप्टो करेंसी के जरिये हो रही थी टेरर फंडिंग, बम बनाना भी सीख रहा था
हारिश टेरर फंडिंग के लिए क्रिप्टो करेंसी के जरिये रकम जुटा रहा था। बीते दो वर्षों के दौरान हारिश और उसके करीबियों के बैंक खातों में क्रिप्टो करेंसी के जरिये लाखों रुपये भेजे गए थे। हारिश को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर एटीएस द्वारा की जा रही पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है। एटीएस उसके करीबियों का पता भी लगा रही है।

 

सहारनपुर निवासी हारिश ने नीट की तैयारी के साथ ही आईएस की जिहादी गतिविधियों में रुचि लेनी शुरू कर दी थी। उसके मोबाइल की जांच में इसके पुख्ता प्रमाण मिले हैं। वह बम बनाने का ऑनलाइन प्रशिक्षण भी हासिल कर रहा था। इसके लिए उसके हैंडलर्स ने कई वेबसाइट के लिंक भेजे थे।
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साथ ही उससे टेरर फंडिंग के लिए अपने साथियों की मदद लेने को कहा, जिसके बाद क्रिप्टो करेंसी के जरिये फंडिंग जुटानी शुरू कर दी। एटीएस ने जब उसके मोबाइल और लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच कराई तो उसके हैंडलर्स के आईपी एड्रेस सीरिया, पाकिस्तान व अफगानिस्तान के आसपास के मिले। एटीएस हारिश के ग्रुप से जुड़े अन्य युवाओं को भी तलाश रही है, जिसमें कई नाबालिग भी हैं।    
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