लॉकडाउन में दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब राज्यों के साथ ही विभिन्न शहरों से लौट रहे डेढ़ हजार से अधिक बिहारी श्रमिकों को हापुड़ के पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने जनपद अमरोहा की सीमा में खदेड़ दिया। यहां ब्रजघाट पुल पर अमरोहा पुलिस ने उन्हें रोक लिया। रोके जाने पर श्रमिकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
कई बार इनकी पुलिस प्रशासनिक-अफसरों से नोकझोंक भी हुई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं हापुड़ जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इन्हें समझाने के लिए अमरोहा पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में अमरोहा प्रशासन ने रोडवेज बसों की व्यवस्था कराई और सभी श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग कराकर उन्हें जनपद की सीमा में ले लिया। इसके बाद उनके लिए बसों की व्यवस्था कराई जा रही है।
शुक्रवार को भी दिल्ली की दिशा से हजारों श्रमिक हापुड़ जनपद की सीमा पर स्थित ब्रजघाट में पहुंचे। यहां कुछ श्रमिकों को वहां के पुलिस-प्रशासन ने रोडवेज की बसों में बैठाकर पूर्वांचल की ओर भिजवाया लेकिन बाद में भीड़ और बढ़ने पर हाथ खड़े कर लिए। आरोप है कि अपरान्ह लगभग दो बजे वहां की पुलिस ने इन श्रमिकों पर लाठियां फटकार कर उन्हें अमरोहा जनपद की ओर धकेल दिया।
एकाएक डेढ़ हजार से अधिक लोगों की भीड़ ब्रजघाट में गंगा नदी के पुल पर जनपद अमरोहा की सीमा में बनी गजरौला थाने की अस्थाई ब्रजघाट चौकी पर जा पहुंची। वहां मौजूद अमरोहा पुलिस ने अवरोधक लगाकर इन्हें रोक दिया। इस पर श्रमिक भड़क गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची सीओ ने उन्हें कई बार समझाकर शांत किया।
इसी दौरान एडीएम गुलाब चंद, एएसपी अजय प्रताप सिंह, एसडीएम शशांक चौधरी, तहसीलदार सदानंद सरोज समेत कई पुलिस-प्रशासनिक अफसर और मंडी धनौरा तथा हसनपुर के कोतवाल भी फोर्स लेकर आ पहुंचे। श्रमिक शांत होने को तैयार नहीं थे। बमुश्किल उन्हें शांत किया गया।
इसके बाद सभी की थर्मल स्क्रीनिंग कराकर उन्हें अमरोहा जनपद की सीमा में लिया गया। एसडीएम ने बताया कि इन सभी को रास्ते में डीपीएस में रुकवाकर वहां भोजन कराने के बाद रोडवेज की बसों से रात में ही उनके घरों को भिजवाया जाएगा।