शव घर पहुंचते ही बिलख-बिलख कर रोए घर वाले
मंडी धनौरा/बछरायूं। (अमरोहा) सवेरे जब खुर्शीद कार लेकर अपने घर से निकला था तब परिजनों ने कल्पना भी नहीं की थी कि वह अंतिम सफर पर जा रहा है। बताते हैं कि खुर्शीद शीघ्र ही दोबारा घर आने की बात कर रहा था, लेकिन उनको क्या मालूम था कि खुर्शीद इतनी जल्दी वापस आ जाएगा वो भी कफन में लिपट कर। दोनों भाइयों के शव जब गांव पहुंचे तो परिजन बिलख-बिलख कर रोने लगे। राजकुमार के परिजन उस घड़ी को कोस रहे थे जब जल्दी पहुंचने की वजह से उनका बेटा खुर्शीद की कार में सवार हो गया। राजकुमार के भाई ने रोते हुए बताया कि उसने भाई को सरकारी बस से जाने की सलाह दी थी, लेकिन उसे क्या पता था कि मौत उसके भाई को बुला रही है। सुहैल और मुनव्वर के परिजन भी उस घड़ी को कोस रहे हैं जब वे खुर्शीद की कार में सवार हुए थे। बताया जाता है कि खुर्शीद को कंपनी में अपनी कार लेकर एक निश्चित समय पर पहुंचना था। शायद इसी वजह से उसकी कार की रफ्तार सामान्य से तेज थी। कार बेकाबू हो कर सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। जिससे कार में सवार छह लोग उसी में पिच गए और मौके पर मौत हो गई। जिससे सभी के परिजनों में कोहराम मचा है। साथ ही हादसा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इंडिगो एयर लाइंस में काम करता था राजकुमार
बछरायूं। कस्बे के मुहल्ला पीरजादगान निवासी राजकुमार (30) दिल्ली में इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी करता था। वह ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए हफीज रोड चौराहा पर सवारी का इंतजार कर रहा था। उसके साथ ग्राम चौखट निवासी सुहैल (18) और कस्बे के मुहल्ला चौधरीयान मनव्वर (26) भी खड़ा था। दिल्ली जा रहे खुर्शीद, नफीस और इकरार ने राजकुमार, सुहैल और मनव्वर को अपनी कार में बैठा लिया। हापुड़ बाईपास पर कार सवार सभी छह लोग मौत के मुंह में समा गए। ग्राम चौखट निवासी सुहैल किसी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर देने के लिए गाजियाबाद जा रहा था जबकि मनव्वर दिल्ली में प्लास्टिक बोर्ड का काम करता था। वहीं, इकरार दिल्ली में इलैक्टीशियन का काम करता है। सभी छह लोग दिल्ली जा रहे थे। कार खुर्शीद चला रहा था कि अचानक बेकाबू हो कर कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। जिसमें सभी की मौत हो गई।
मेहंदी हसन पर टूटा दुखों का पहाड़
मंडी धनौरा। हापुड़ बाईपास पर सड़क हादसे में मारे गए नफीस और खुर्शीद के पिता मेहंदी हसन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताते हैं कि मेहंदी हसन के चार बेटे थे। एक बड़े बेटे का चार साल पहले ही इंतकाल हो चुका है जबकि गुरुवार को हादसे में उन्होंने अपने दो बेटे नफीस और खुर्शीद को भी खो दिया है। बताया जाता है कि खुर्शीद की दो साल पहले शादी हुई थी। उसके एक साल का पुत्र है जबकि नफीस की शादी कुछ समय बाद होने वाली थी। मेहंदी हसन अपने दोनों बेटे को खोने पर बहुत परेशान हैं, रो रोकर बुराहाल है। ब्यूरो